Monsoon 2026: देशभर में भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं, मई का महीना खत्म होने को है, लेकिन सूरज की तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही। सुबह से ही चिलचिलाती धूप और दोपहर में झुलसाने वाली गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। ऐसे में मानसून का इंतजार भी लंबा होता दिख रहा है।
9 साल बाद सामान्य से कम बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून 2026 को लेकर चिंता बढ़ाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा के अनुसार, देश के अधिकांश वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून कोर जोन में इस बार सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। IMD का अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90 प्रतिशत रह सकती है। भारत में मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत 87 सेंटीमीटर माना जाता है। गौरतलब है कि 2015 के बाद पहली बार मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है। 2015 में अल नीनो प्रभाव के कारण 86 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई थी।
केरल पहुंचने में होगी देरी
आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर मानसून केरल में दस्तक दे सकता है। इसके बाद पूरे देश में सक्रिय होने में एक महीने से अधिक समय लग सकता है। यानी जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में भी गर्मी का असर बना रह सकता है। IMD ने इन दोनों महीनों के दौरान कई इलाकों में हीटवेव की आशंका भी जताई है।
खेती और महंगाई पर पड़ सकता है असर
कमजोर मानसून का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ सकता है। कृषि उत्पादन प्रभावित होने से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। वहीं, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल महंगे होने और कमजोर मानसून के चलते महंगाई का दोहरा असर देखने को मिल सकता है।
प्री-मानसून बारिश से मिली राहत
हालांकि बीते दो दिनों में बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में हुई प्री-मानसून बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। पिछले 21 दिनों में यहां सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
दिल्ली में येलो अलर्ट
IMD के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में पिछले 48 घंटों के दौरान तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 31 मई तक गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। शनिवार के लिए न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज हवाओं और बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी में फिर लौट सकती है प्रचंड गर्मी
मौसम विभाग का कहना है कि 1 जून के बाद बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। 3 और 4 जून को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिसके बाद एक बार फिर गर्मी अपना असर दिखा सकती है। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7 डिग्री कम रहा।
हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में 4 जून तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अधिकांश जिलों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं उत्तराखंड में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। लोगों को तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
2026 में मौसम बन सकता है बड़ी चुनौती
एक तरफ मानसून की देरी, दूसरी तरफ सामान्य से कम बारिश की आशंका और ऊपर से लगातार बढ़ती गर्मी। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि साल 2026 मौसम और महंगाई, दोनों मोर्चों पर आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले हफ्तों में मानसून की चाल पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।