PM Modi: भारत का सेमीकंडक्टर मिशन आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया। गुजरात में देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट के वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत होने जा रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह कदम भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
सानंद स्थित सीजी सेमी के ओएसएटी संयंत्र में आयोजित कार्यक्रम में वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग पिछले 60 वर्षों से देश की प्राथमिकता रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण अब यह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को सानंद में पहला, 31 मार्च को दूसरा और 4 जुलाई को तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र में भारत की तेज़ प्रगति को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगी तथा देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
इस अवसर पर वैष्णव ने अहमदाबाद की यातायात और रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ओमनगर में बन रहे अंडरपास का कार्य नवरात्रि से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, ऐतिहासिक महत्व वाले असरवा स्टेशन के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत यहां नया स्टेशन और बड़ा टर्मिनल विकसित किया जाएगा तथा डीआरएम कार्यालय भी यहीं स्थापित होगा।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर सरनपुर की ओर से दूसरा प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और उस क्षेत्र का विकास होगा। शहर में यातायात जाम की समस्या कम करने के लिए शाहपुर फ्लाईओवर परियोजना पर भी चर्चा हुई है। वैष्णव ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से बातचीत हुई है और पूर्ण सहयोग का आश्वासन मिला है।
इसके अलावा, साबरमती से साबरमती स्टेशन तक सड़क विस्तार परियोजना पर भी काम किया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर जानकारी देते हुए वैष्णव ने कहा कि इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और परियोजना लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में सूरत-बिलिमोरा खंड का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद-मुंबई खंड शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश की वर्षों पुरानी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगी।