Uttarkashi: पहाड़ियों, घने जंगलों और गहरी खाइयों के बीच युवती की खोज के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान सहित कई एजेंसियों के 120 से अधिक सदस्य लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं।
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में मंगलवार को व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार और पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने दयारा ट्रेक क्षेत्र में मोर्चा संभाला। लापता महिला की तलाश के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो तीन अलग-अलग मार्गों से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। जंगलों, ट्रेक मार्गों, गदेरों, झाड़ियों और गहरी खाइयों तक हर संभावित स्थान की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। खोज अभियान में तीन ड्रोन टीमों को लगाया गया है, जो ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। स्वान दल और एसओजी की टीमों को भी अभियान में शामिल किया गया है। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग, आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के विशेषज्ञों, स्थानीय ग्रामीणों और अनुभवी गाइडों सहित 120 से अधिक सदस्य दिन-रात युवती की तलाश में जुटे हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “हमारी सभी टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हर संभावित स्थान पर तलाश की जा रही है। युवती की सुरक्षित बरामदगी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” दयारा बुग्याल के चुनौतीपूर्ण भूगोल और मौसम के बीच राहत एवं बचाव एजेंसियां पूरी मुस्तैदी के साथ अभियान चला रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही महिला ट्रेकर का सुराग मिल जाएगा। फिलहाल पूरे उत्तरकाशी की निगाहें इस बड़े सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।