वन्यजीवों संरक्षण के लिए नेपाल ने कॉर्बेट अधिकारियों से लिए सुझाव

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में लगातार बढ़ रही बाघों समेत अन्य वन्यजीवों की संख्या को देखते हुए नेपाल सरकार ने भी कॉर्बेट से सुझाव साझा करने की मांग की है। इसके अंतर्गत शनिवार को कॉर्बेट के अधिकारियों और नेपाल से सात सदस्यों की टीम के बीच वन और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर चर्चा हुई। जिसमें कॉर्बेट के अधिकारियों ने नेपाल को कॉर्बेट की जैव विविधता, पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया है। वहीं नेपाल से आई सात सदस्यों की टीम कॉर्बेट के बाद यूपी के टाइगर रिजर्व से भी सुझाव लेगी।
आपको बता दें कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क सीमा नेपाल से सटी हुई है। कॉर्बेट में वन्यजीवों की सुरक्षा कड़ होने से तस्कर कॉर्बेट के जंगलों में आसानी से घुसपैठ नहीं कर पाते हैं, लेकिन नेपाल की सुरक्षा उतनी कड़ी नहीं होने से तस्कर नेपाल के जंगलों के रास्ते कॉर्बेट के जंगलों में घुसपैठ करने का प्रयास करते हैं। लेकिन भारत से सुरक्षा को लेकर कई सुझाव और जानकारी लेने के बाद नेपाल सरकार भी अपने जंगलों की कड़ी सुरक्षा कर सकेंगे। इससे तस्करों का जंगलों में घुसपैठ करना आसान नहीं होगा।
वहीं कॉर्बेट के उपनिदेशक नीरज शर्मा ने बताया कि नेपाल सरकार ने भारत के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई सुझाव मांगे हैं। जिसके क्रम में कॉर्बेट प्रशासन ने नेपाल पार्लियामेंट से आई सात सदस्यों की टीम को टाइगर शैल दिखाने, गश्त के तरीके और बाघों का घनत्व बढने व वनों के संरक्षण को लेकर कई सुझाव दिए हैं।
वहीं नेपाल से भारत आये नेपाल पार्लियामेंट के सदस्य महेश जोशी ने कहा कि भारत के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में बाघों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी कॉर्बेट देश विदेशों में जाना जाता है। इसे देखते हुए नेपाल सरकार ने भी अपने जंगलों की सुरक्षा कड़ी करने का फैसला लिया है। जिसके लिए भारत के तीन टाइगर रिजर्वों से सुझाव लिए जा रहे हैं।

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