सरकारी स्कूल बना अराजक तत्वों का अड्डा, स्कूल भवन में लगाई आग

अल्मोड़ा। स्कूल शिक्षा का पवित्र मंदिर माना जाता है। जहां देश के भविष्य का निर्माण होता है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहाल कभी सरकार व सिस्टम की उपेक्षा का शिकार होते हैं तो कभी अराजक तत्व उनकी पढ़ाई में बांधा बन रहे हैं। जिससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा बल्कि अभिभावकों को भी डर व चिंता सताने लगी है।

ताजा मामला अल्मोड़ा जिले के भैसियाछाना विकास खंड का है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नगरखान लंबे समय से अराजक तत्वों का अड्डा बना हुआ है। कार्रवाई नहीं होने से शरारती तत्वों के हौंसले इतने बुलंद हो गए है कि स्कूल में आगजनी की घटना को अंजाम दे डाला। अज्ञात लोगों ने रात में स्कूल के मुख्य भवन से लगे अतिरिक्त कक्ष में आग लगा दी। जिससे कक्ष में रखा फर्नीचर, मिड डे मिल बनाने के लिए रखी गई जलावनी लकड़ियां व अन्य सामान जलकर राख हो गया। यही नहीं कक्ष का दरवाजा व खिड़कियां भी पूरी तरह स्वाहा हो गई। गनीमत रही कि स्कूल का मुख्य भवन आग की चपेट में आने से बच गया। जिससे एक बड़ी घटना होने से टल गई। आग लगने से अतिरिक्त भवन के छत पर लगे टिन व भवन के पत्थर खरतनाक स्थिति में लटक गए है। जो स्कूल के बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं।

सुबह जब शिक्षक व बच्चे स्कूल पहुंचे तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नगरखान की प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्वेता बिष्ट ने आनन फानन में इसकी जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को दी। श्वेता बिष्ट ने बताया कि स्कूल में आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले अराजक तत्वों पर कार्रवाई को लेकर राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र नाकोट में तहरीर दे दी गई है।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय नगरखान में पहले भी कई बार तोड़ फोड़ व सरकारी संपत्ति  को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्वेता बिष्ट ने बताया कि पूर्व में अराजक तत्वों द्वारा स्कूल भवन की खिड़कियां व गेट को तोड़ दिया गया था। यही नहीं कई बार स्कूल परिसर में शराब की बोतल व सिगरेट जैसी आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि तक स्कूल स्टाफ की ओर से तब राजस्व पटवारी क्षेत्र में व संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन अराजक तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे शरारती तत्वों के हौसले लगातार बुलंद हो है।

शिक्षा के मंदिर में इस तरह के कृत्य से अभिभावक चिंतित व भयभीत है। साथ ही अभिभावकों व ग्रामीणों में भयंकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम शराबियों का हो सकता है जो रात में जो दरवाजा खोलकर वहां बैठे होंगे और ठंड से बचने को आग जलाई होगी जिससे स्कूल के भवन में आग लग गई होगी। जिसके बाद नशेड़ी फर्नीचर को जलता छोड़ भाग गये।

ग्राम प्रधान गीता देवी ने शासन प्रशासन से शरारती तत्वों को पकड़कर सजा दिलाने की मांग की है तथा नगरखान कस्बे में आये दिन नशेड़ियो द्वारा किये जा रहे हंगामे से जनता को निजात दिलाने की मांग की है।

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