हो जाइए सावधान! अब हेलमेट पहनने के बाद भी कट सकता है आपका चालान

अब हेलमेट पहने होने के बावजूद भी आपका चालान कट सकता है। अब आप सोच में पड़ गए होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है। तो आपको बता दें कि सड़क परिवहन मंत्रालय के मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194-डी में हुआ बदलाव के बाद अब आपके हेलमेट का आईएसआई प्रमाणित होना जरूरी है। अगर आप आईएसआई मार्क हेलमेट नहीं पहनते हैं तो आपको एक हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके साथ ही अबत आपने हेलमेट बेल्ट को बांधा नहीं है तो भी एक हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। 

बता दें कि सड़क परिवहन मंत्रालय का मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194-डी में हुआ बदलाव उत्तराखंड में भी लागू हो गया है। लमोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाते हुए यदि आपके हेलमेट की स्ट्रिप नही बंधी है तो नियम 194D MVA के अनुसार आपका 1000 रुपये का चालान और यदि आपने बिना बीआईएस वाला हेलमेट यात्रा के दौरान पहना है तो 194D MVA के अनुसार आपका 1000 रुपये का चालान कट सकता है। ऐसे में हेलमेट पहनने के बाद भी नए ट्रैफिक नियम के अनुसार, नियमों का पालन ना करने की वजह से आपका 2000 रुपये का चालान कट सकता है।

हेलमेट के बिना हादसों में 19वां स्थान

परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी सड़क हादसों की रिपोर्ट में सड़क हादसों के मामले में उत्तराखंड पूरे देश में 23वें स्थान पर है। वहीं बिना हेलमेट हुए हादसों के मामले में उत्तराखंड का देश में 19वां स्थान है। उत्तराखंड में हुए हादसों में हेलमेट न होने पर दोपहिया संचालक 103 लोगों की मौत हुई और 90 लोग घायल हुए। जबकि दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट पीछे बैठने के मामले में 74 लोगों की मौत हुई और 74 घायल हुए। सीट बेल्ट न पहनने पर हुए हादसों में उत्तराखंड की देश में 18वीं रैंक है। इसले अलावा उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सड़क हादसे शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच हुए हैं।

सड़क हादसों विश्लेषणात्मक रिपोर्ट जारी

मंत्रालय ने वर्ष 2016 से 2020 तक हुए सड़क हादसों की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, उत्तराखंड में 2016 में 1591, 2017 में 1603, 2018 में 1468, 2019 में 1352 और 2020 में 1041 हादसे हुए। देश में उत्तराखंड की रैंक 2016 में 24वीं, 2017 में 16वीं,  2018 में 24वीं, 2019 में 24वीं और 2020 में 23वीं आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.