Uttar Pradesh: अयोध्या में राम मंदिर दान राशि के कथित गबन मामले की जांच के तहत पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
इससे पहले जांच ने उस समय नया मोड़ लिया जब पुलिस की एक टीम मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित आवास पर पहुंची। आरोपी के भाई अभिषेक शुक्ला ने बातचीत में कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मंदिर निधि के दुरुपयोग में संलिप्तता साबित होती है तो परिवार उसका समर्थन नहीं करेगा।
उधर, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक आधिकारिक बयान जारी कर मामले पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की। ट्रस्ट ने कहा कि हाल के दिनों में राम मंदिर से जुड़े सामने आए घटनाक्रमों से वह स्तब्ध और आहत है तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो चुके हैं। बयान में कहा गया कि ट्रस्ट की आगामी बैठक में इन इस्तीफों पर विचार किया जाएगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
भक्तों का विश्वास बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम को अर्पित किए गए सभी बहुमूल्य उपहार, जिनमें चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं, पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका विधिवत लेखा-जोखा मौजूद है।
ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा, “जो श्रद्धालु स्वयं चांदी की ईंटें, आभूषण या अन्य वस्तुएं ट्रस्ट के अधिकारियों को भगवान श्रीराम के चरणों में अर्पित करने के लिए सौंपते रहे हैं, उन्हें आश्वस्त किया जाता है कि उनकी सभी भेंट सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।”
अंत में ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि जांच के बाद सत्य सामने आएगा। ट्रस्ट ने कहा, “अंधकार चाहे जितना भी गहरा हो, अंततः सत्य का प्रकाश अवश्य फैलता है। भगवान श्रीराम की महिमा और उनकी कृपा का प्रवाह अनवरत जारी रहेगा।”