UP News: श्रमिक नए भारत के ‘शिल्पकार’ हैं, ‘मजदूर दिवस’ पर बोले सीएम योगी

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूर दिवस पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘नए भारत’’ के दृष्टिकोण में श्रमिक “शिल्पकार” हैं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के उत्थान के लिए उठाए गए विभिन्न कल्याणकारी उपायों को रेखांकित किया। ‘श्रमवीर गौरव समारोह-2026’ की शुरुआत के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक विषम परिस्थितियों में भी अथक परिश्रम करते हैं और उनका योगदान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘‘हमारा श्रमिक गर्मी, बरसात, लू कुछ किसी भी परिस्थिति में काम करता है और वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की एक एक बूंद जब इस धरती पर पड़ती है, तो यह धरती माता सोना उगलने का काम भी करती हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘श्रमिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के निर्माता हैं।’’ उन्होंने कहा कि पहले यह एक “विरोधाभास” था कि दूसरों के लिए घर बनाने वाले मजदूरों के पास अपना घर नहीं था।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘जिन्होंने दूसरों के लिए घर और शौचालय बनाए, उनके पास अक्सर ऐसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।’’ उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में सरकारों ने इन मुद्दों के समाधान के लिए काम किया है। कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, पिछले 12 वर्षों में देश भर में लगभग चार करोड़ घर उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘गरीबों को मिलने वाला राशन पहले लोग चट कर जाते थे।’’ कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की आलोचना की और आरोप लगाया कि वे संकट के दौरान अनुपस्थित थे, जबकि ‘‘डबल इंजन सरकार’’ ने राज्य में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों की सहायता सुनिश्चित की।

उन्होंने कहा,‘‘याद करिए इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी आई थी, कोरोना कालखंड में,ये जितने विपक्षी नेता हैं ना, ये सब रजाई तान करके सब अपने-अपने घरों में छुप गए थे, कोई दिखाई नहीं देता था। जब उत्तर प्रदेश का कामगार और श्रमिक अन्य राज्यों को छोड़ करके प्रदेश में वापस आ रहा था, तब न कांग्रेस थी न सपा थी न बसपा थी न कोई और दल था,तब केवल और केवल ‘डबल इंजन’ सरकार थी, मोदी जी थे और उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार, हमारे अधिकारी व कर्मचारी उनकी सहायता के लिए कार्य कर रहे थे।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में रोजगार के अवसर काफी बढ़े हैं, लगभग तीन करोड़ लोगों को एमएसएमई क्षेत्र में काम मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों की संख्या 2017 से पहले लगभग 14,000 थी जो अब बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है, जिससे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने श्रम और सेवायोजन विभाग से कहा है कि नए ‘वेज बोर्ड’ गठित करिए…। और कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पहल से राज्य के लगभग पांच करोड़ लोगों को दायरे में लाने और लगभग एक करोड़ श्रमिक परिवारों को लाभान्वित करने का प्रयास है।

योगी आदित्यनाथ ने रेखांकित किया कि एक संवेदनशील सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि श्रमिक शासन में प्राथमिकता बनें और उन्हें उचित सम्मान और कल्याण सहायता मिले।

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