Greater Noida: महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में सशक्त महिला उद्यमी संगठन ने एक सराहनीय पहल की है। संगठन की अध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह के नेतृत्व में दीपावली के अवसर पर महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए निःशुल्क प्रदर्शनी स्टॉल उपलब्ध कराए गए। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच प्रदान करना है।
यह विशेष प्रदर्शनी IILM University, Greater Noida के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इसमें कई महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया।
स्टॉल से लेकर भोजन तक की सुविधाएं निःशुल्क
इस आयोजन की खास बात यह रही कि सभी महिला उद्यमियों को स्टॉल, दोपहर का भोजन और पानी सहित आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। महिलाओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि प्रदर्शनी से होने वाली पूरी कमाई महिला उद्यमियों के पास ही रहे और उन्हें स्टॉल के किराए पर अपनी आय खर्च न करनी पड़े।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही वास्तविक सशक्तिकरण: डॉ. खुशबू सिंह
संगठन की अध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि दीपावली जैसे त्योहारों पर विभिन्न प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने के लिए महिला उद्यमियों को अक्सर 3,000 से लेकर 21,000 रुपये तक किराया देना पड़ता है। ऐसे में उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा स्टॉल के खर्च में चला जाता है।
उन्होंने कहा कि इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए संगठन ने महिला उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें और व्यवसाय को नई गति दे सकें।
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि प्रदर्शनी से होने वाली पूरी आय महिला उद्यमियों की अपनी होगी। उन्हें अपनी कमाई का कोई हिस्सा स्टॉल के किराए के रूप में नहीं देना पड़ेगा। यह सहयोग न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।

महिला उद्यमिता को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि सशक्त महिला उद्यमी संगठन भविष्य में भी महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। संगठन का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि महिलाओं को यदि उचित मंच, संसाधन और सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
