BJP New Team: भाजपा की नई प्रदेश टीम में नए-पुराने लोगों का मिश्रण है, सूची में चौंकाने वाले नाम शामिल किए गए हैं और दलबदलुओं को इनाम दिया गया है। नए-पुराने चेहरों के मिश्रण और कुछ चौंकाने वाले नामों के साथ जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास तो किया गया है, लेकिन यह पूरी तरह संभव नहीं हो पाया है। दूसरे दलों से आने वालों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र व नोएडा से विधायक पंकज सिंह सहित कई प्रमुख चेहरों को नई टीम में जगह नहीं मिली है। पंकज की जगह उनके छोटे भाई नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाना साबित करता है कि पार्टी के बड़े नेताओं का टीम चयन पर किस स्तर तक प्रभाव रहा। प्रयोग और नया नेतृत्व उभारने का संदेश देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष व अन्य निर्णयकर्ताओं ने पुरानी टीम के आधे से ज्यादा चेहरों को बाहर कर दिया है, लेकिन जातियों की आबादी के लिहाज से पदाधिकारियों को दी गई भागीदारी में समानुपातिक असंतुलन स्पष्ट दिख रहा है। यह सही है कि नई टीम के गठन में पार्टी नेतृत्व ने अपने कोर वोट बैंक पिछड़ी व अति पिछड़ी एवं दलित जातियों को भरपूर हिस्सेदारी दी है। अगड़ों एवं पिछड़ों के बीच भी संतुलन साधने का संदेश देने की कोशिश की है, लेकिन इस प्रयास में टीम में असंतुलन आ गया है।
महिलाओं की इतनी हिस्सेदारी-
भाजपा के महिलाओं को 33 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के संकल्प को देखते हुए पंकज चौधरी की नई टीम में महिलाएं भी अपेक्षा के अनुसार हिस्सेदारी पाने में पीछे रह गईं। टीम में सिर्फ 12 महिलाओं को ही जगह मिल सकी है जबकि 33 प्रतिशत की कसौटी पर इन्हें 16 स्थान मिलने चाहिए थे।
