Ayodhya: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव इस साल एक और ऐतिहासिक पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। आयोजन के दसवें वर्ष को खास बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में एक लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की जा रही है। इस भव्य आयोजन से मंदिर परिसर रोशनी से जगमगाएगा। दीप जलाने के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे परिसर को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन के लिए प्रभारी तथा उनकी टीम निर्धारित कर दी गई है। अगले पांच दिनों में सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में तय हुई दीपोत्सव की पूरी कार्ययोजना
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, शनिवार को यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में आयोजित बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें आयोजन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और श्री जगन्नाथ गुलवे ने कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों और आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया। श्रीरामलला विराजमान मंदिर का विशेष श्रृंगार और अलंकरण किया जा चुका है। अब परिसर के शेष हिस्सों को सजाने तथा दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम किया जाएगा।
पांच जोन में बांटा गया मंदिर परिसर
एक लाख दीपों के प्रज्ज्वलन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर को पांच हिस्सों में विभाजित किया गया है। हर जोन में अलग-अलग स्थानों पर दीप जलाने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
जोन-1 : श्रीरामलला मंदिर
इस जोन की कमान अर्चक प्रमुख आचार्य केशव जी को सौंपी गई है। मंदिर प्रांगण, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला क्षेत्र में 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे।
जोन-2 : कुबेर टीला और सप्तमंडप
कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक और पंचवटी सहित अन्य स्थानों को इस जोन में रखा गया है। यहां दीप प्रज्ज्वलन का जिम्मा चन्द्रन क्षितिज और उनकी टीम संभालेगी। इस क्षेत्र में भी 30 हजार से ज्यादा दीप जलाए जाने की योजना है।
जोन-3 : वापसी दर्शन मार्ग और PFC
वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केंद्र, PFC प्लाजा और नल टीला इस जोन में शामिल हैं। यहां पीपी मिश्रा के नेतृत्व में 14 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
जोन-4 : यात्री सेवा केंद्र और अंगद टीला
इस जोन की जिम्मेदारी कैप्टन जे.पी. द्विवेदी (सेवानिवृत्त) और उनकी टीम को दी गई है। यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार समेत अन्य स्थानों पर 13 हजार से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे।
जोन-5 : श्रीराम जन्मभूमि पथ और दर्शन मार्ग
इस जोन में श्रीराम जन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका क्षेत्र शामिल हैं। नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में यहां 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इस कार्य में उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का भी सहयोग मिलेगा।
अयोध्या की पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की पहल
ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि दीपोत्सव से संबंधित सभी तैयारियां तय समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि अयोध्या की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव को लगातार भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसके जरिए अयोध्या की परंपराओं को नई पहचान मिलने के साथ शहर को वैश्विक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को भी गति मिल रही है।