Ayodhya: हिंदू धर्मशास्त्र के मुताबिक पवित्र श्रावण मास के दूसरे सोमवार से पहले उत्तर प्रदेश के मंदिर शहर अयोध्या में केसरिया चोला पहने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रा करने वाले श्रद्धालु सरयू नदी से पवित्र जल लेने के लिए शहर में पहुंचे हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक हुई बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ को संभालने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं।
पुलिस अधीक्षक चक्रप्राणी त्रिपाठी ने कहा कि “आगामी सोमवार सावन का द्वितीय सोमवार है, जिसके दृष्टिगत भारी संख्या में श्रद्धालुओं और खासतौर से कांवड़ियों का आगमन अयोध्या में हो रहा है। जिसकी दृष्टिगत अयोध्या को पांच जोन में बांटा गया है। सभी जोन में अधिकारियों के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस प्रबंध किए गए हैं। साथ ही साथ जो कांवड़िए आ रहे हैं उनकी जल में स्नान में सुरक्षा के लिए जल पुलिस, एसडीआरएफ, और पीएसी निरंतर गश्त कर रही है। पूरा मेला क्षेत्र में सीसीटीवी लगा हुआ है और सीसीटीवी के माध्यम से भी कंट्रोल रूम के माध्यम से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।’
ये इंतजाम सिर्फ पुलिस सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं; प्रशासन तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय कर रहा है, जिसमें चिकित्सा आपातकाल जैसी स्थितियों से भी निपटना शामिल है।
कांवड़ियों के लिए अयोध्या लंबी तीर्थयात्रा का हिस्सा है, जिसके दौरान वे सरयू नदी से पवित्र जल लेते हैं और उसे अपने गांवों और कस्बों में भगवान शिव के मंदिरों में चढ़ाने के लिए ले जाते हैं। पवित्र श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई को सालाना कांवड़ यात्रा शुरू हुई और 11 अगस्त को शिवरात्रि के साथ इसका समापन होगा। इस पावन माह में सोमवार का विशेष महत्व होता है, जब श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं।