यूपी के अनुदेशकों और रसोईयों को CM योगी आदित्यनाथ ने दिया नए साल का तोहफा, बढ़ायी सैलरी

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लखनऊ. आगमा विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) से पहले प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने बेसिक शिक्षा (Basic Education) में तैनात अनुदेशकों (Instructors) और रसोईयों (Cooks) को नए साल से पहले बड़ा तोहफा दिया हैं. मंगलवार को राजधानी लखनऊ में अनुदेशकों और रसोईयों के सम्मलेन में उनके मानदेय में बढ़ोत्तरी के साथ कई अन्य सुविधाओं का भी ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में 2000 रुपये प्रति माह वृद्धि का ऐलान किया. साथ ही उनकी अन्य मांगों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार उनकी नौकरी को सुरक्षित करने के लिए हरसंभव उपाय करेगी. मुख्यमंत्री ने रसोईयों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की विरद्धि के साथ साल में दो साड़ी मिलेगी. एप्रन और हेड कैप की राशि उनके खातों में जमा होगी. इतना ही नहीं रसोईयों को 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा भी मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग मुख्यमंत्री आरोग्य योजना या प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत इन्हें यह लाभ दिलाये.

मुख्यमंत्री ने सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर 2017 में प्रदेश में बीजेपी की सरकार नहीं आती तो बहुत सारे स्कूल बंद हो गए होते. स्कूल अगर बंद हो गए होते तो आप में से बहुत सारे लोगों की सेवाएं समाप्त हो गई होती. जितने भी रसोइया हैं उन्हें बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ़ से 2 साड़ी देंगे.
एप्रन और हेयर कैप का पैसा रसोइयों के खाते में देने की व्यवस्था परिषद करेगा. हर रसोइया को 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा से जोड़ेंगे. रसोइया के अतिरिक्त मानदेय को 500 रुपए बढ़ाया जाएगा.

बीजेपी की सरकार नही आती तो बहुत सारे स्कूल बंद हो गये होते
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा, “आप सबने अभी अपना अनुभव बताया है. कहा जा सकता है कि बेसिक शिक्षा विभाग में जो परिवर्तन हुए है उससे लोगो की धारणाएं बदली है. बेसिक शिक्षा विभाग में आपके बिना ये बदलाव संभव नही था. 2017 में बीजेपी की सरकार नही आती तो बहुत सारे स्कूल बंद हो गये होते. स्कूल बंद होने के साथ आपकी सेवाएं भी खत्म हो जाती. मै जब आया तो देखा कि स्कूलों में तेजी से बच्चों की संख्या घट रही थी. स्कूल चलो अभियान के तहत हमने बच्चों के अभिभावकों को जागरूक किया. परिणाम सार्थक रहा. सिर्फ 22 महीने की बात छोड़ दे तो बीते सालों में 54 लाख बच्चे बेसिक शिक्षा विभाग के साथ जुड़े है. टीम वर्क का परिणाम क्या होता है हमने देखा है. ये ऐसे ही हुआ इसके पीछे शिक्षकों, अनुदेशकों और रसोइयों का भी योगदान है. हमने आपरेशन कायाकल्प भी शुरू किया. जिससे सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि समाज के अलग-अलग लोगों की मदद से स्कूल का कायाकल्प किया जा सके. इसके बाद हमने ये निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा परीषद का हर प्रशासनिक अधिकारी एक एक स्कूल को गोद लेगा. प्रदेश में 1 लाख 30,000 स्कूल का कायाकल्प हो चुका है. अब विद्दालय साफ सुथरा हो गया. बच्चो के पढ़ने की अच्छी व्यवस्था हो गयी. हमने इस बार 1100 रूपये सीधे अभिभावकों के खाते में भेजा गया. इस दौरान शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया. कोरोनाकाल में हर व्यक्ति को सुरक्षा की गैरंटी दी गयी. पूरे प्रदेश 1 लाख 3600 शिक्षकों की अलग अलग प्रक्रिया के तहत नियुक्तियां दी गयी.

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