Sports Ministry: खेल मंत्रालय 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासंघों के साथ एक दिवसीय बैठक में हाल में संपन्न एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा जिसमें बैडमिंटन, निशानेबाजी और एथलेटिक्स में कुछ ‘अनुभवी’ खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन पर प्रमुख रूप से ध्यान दिया जाएगा।
यहां तक कि सरकार की प्रमुख ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) के जरिए धनराशि जारी करने की भी फिर से समीक्षा की जाएगी। भारत ने आइची-नागोया खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीते जो हांग्झोउ में पिछले चरण में हासिल किए गए 106 पदकों से काफी कम था।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने गुरुवार को कहा, ‘‘कुछ अनुभवी खिलाड़ी साफ तौर से एक सहज स्थिति में थे और इसका असर उनके प्रदर्शन में दिखा। राष्ट्रीय महासंघों को इसमें शामिल किया जाएगा और अगले कुछ दिनों में संभवतः 13 या 14 अक्टूबर को बैठक होने की संभावना है।’’
बैडमिंटन में सिर्फ एक टीम कांस्य पदक मिला, जबकि निशानेबाजों (विशेषकर पिस्टल में) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत खराब रहा। सूत्र ने कहा, ‘‘एक और मुद्दा चोटों का था। खिलाड़ी खेलों में पहुंचने के बाद चोटों की घोषणा कर रहे थे, ये कैसे सही है। उन्हें तैयार करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं।’’
खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों से पहले कहा था कि तीन साल के चक्र में खिलाड़ियों को तैयार करने में 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए थे।