Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि सरकार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के तहत केवल सजा देने के बजाय पेपर लीक को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। थरूर ने कहा कि सजा और त्वरित अदालतों के प्रावधान स्वागत योग्य हैं, लेकिन पेपर लीक को रोकने के लिए पहले से ही कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
थरूर ने कहा “सजा ठीक है, लेकिन सजा देने से पहले, पेपर लीक को रोकने के प्रावधान लाने चाहिए। मैंने अपने संबोधन और लेख में कुछ सुझाव दिए हैं,”। उन्होंने न्यायिक प्रणाली में मौजूदा लंबित मामलों की ओर इशारा करते हुए त्वरित अदालतों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाया। “केवल नियम बनाने से न्याय नहीं मिल जाता। नए न्यायाधीशों, अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति करनी होगी और शायद नई अदालतें और नए अभियोजक भी नियुक्त करने होंगे। अगर न्यायिक प्रणाली में क्षमता ही नहीं है, तो नई अदालतों की घोषणा करने का क्या फायदा?”।
थारूर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा बिलकिस बानो मामले पर की गई टिप्पणियों को लेकर पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि दोषियों का पक्ष लेना “अच्छा नहीं” है। “प्रियंका गांधी ने इस पर अपनी राय रखी है। बिलकिस बानो मामले में उन्होंने जो कहा वह गलत था। उनके साथ जो हुआ वह वाकई दुखद था। अगर आप उनके दोषियों का पक्ष लेते हैं, तो यह अच्छा नहीं है।”
इससे पहले, प्रियंका गांधी वाड्रा ने सदन में अपनी टिप्पणियों को असंसदीय बताए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी पर अपनी हालिया टिप्पणियों पर अडिग रहीं। वाड्रा ने कहा कि उनके बयान दस्तावेजी तथ्यों पर आधारित थे और महिलाओं के प्रति एक व्यवस्थागत रवैये को दर्शाते हैं। उन्होंने दोहराया कि वह संसदीय कार्रवाई या प्रतिबंधों की धमकियों से नहीं डरेंगी।
बता दें कि कांग्रेस की लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिलकिस बानो मामले के दोषियों के संदर्भ में नव नियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी पर टिप्पणी की और परीक्षा अनियमितताओं और जवाबदेही से संबंधित मुद्दों पर सरकार को निशाना बनाया। उनके द्वारा नव नियुक्त मंत्री पर की गई टिप्पणी ने लोकसभा में तीखी बहस छेड़ दी, क्योंकि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और किरेन रिजिजू ने उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाने और शिक्षा मंत्री के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
इस बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की और आरोप लगाया कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों संसदीय जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग है कि गृह मंत्री जवाब दें, लेकिन वे उपस्थित ही नहीं हैं – वे जवाब कैसे देंगे? मुझे लगता है कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर जवाबदेही नहीं लेना चाहते कि पेलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया।”