Protest: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान अन्य विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग (EC) कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने नेताओं को कार्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया। EC कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने धरना दिया। INDIA ब्लॉक के सांसद संसद से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
इससे पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए नीति आयोग कार्यालय के पास लगे लोहे के भारी बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराया। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क भी अपने साथी सांसदों के साथ बैरिकेड पर नजर आए, जबकि दिल्ली पुलिस के जवान हाई-सिक्योरिटी कॉरिडोर में मार्च को रोकने का प्रयास कर रहे थे।
INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने मार्च के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और NCP-SP सांसद सुप्रिया सुले समेत कई INDIA ब्लॉक सांसदों ने भी विरोध मार्च में हिस्सा लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ज्ञानेश, हो गया भाई। अब इस्तीफा देने का समय है।”
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA ब्लॉक के मार्च को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर आजादी के बाद नागरिकों को मिले अधिकारों को “छीनने” की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर किया गया तो जनता चुप नहीं बैठेगी। खरगे ने कहा कि आजादी के बाद युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को जो अधिकार मिले थे, उन्हें खतरा है। उन्होंने कहा, “राजीव गांधी जी ने युवा मतदाताओं, महिला मतदाताओं, किसानों और गरीबों को अधिकार दिए थे। आज मोदी सरकार उन अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है।”
खरगे ने कहा कि देश का निर्माण स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष से हुआ है और आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए अब उस आजादी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मतदान के अधिकार की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर हमारे पास वोट है, तो लोकतंत्र बचेगा। अगर लोकतंत्र बचा, तो सभी के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। संविधान भी सुरक्षित रहेगा।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर अपने ही सदस्यों की ओर से उठाई गई आपत्तियों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया और कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं में गलतियां हुई हैं। खरगे ने सत्ता में बैठे लोगों को पद छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा कि जनता चुप नहीं बैठेगी।