Parliament: महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, संसद के विस्तारित सत्र में इस पर जोरदार बहस देखने को मिल रही है। सता नेता अखिलेश यादव ने कहा कि महिला विधेयक के पक्ष में हैं हम। आपको जल्दीबाजी क्यों है? आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते? सेंसस ये इसलिए नहीं करना चाहते हैं कि जैसे ही जनगणना होगी, हम सब लोग जाति गणना मांगेंगे, जाति की गिनती के बाद हम आरक्षण मांगेंगे। इसलिए धोखा देकर लाना चाहते हैं।
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं देश की जनता को बताना चाहता हूं कि देश में जनगणना का काम जारी है। सरकार जाति गणना का निर्णय भी ले चुकी है… अभी घरों की गिनती हो रही है। घरों की कोई जाति नहीं होती। समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। जब नागरिकों की जनगणना होगी तब उसमें जाति का कॉलम रखा है। ये मेरा विभाग है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये जनगणना जाति के साथ ही होने वाली है।
तीन विधेयक हुए पेश-
लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए, जिनको लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अमित ने ये विधेयक पेश किए।