Haryana: हरियाणा के स्वयं कर राजस्व को 2030 तक GSDP के 10% तक पहुंचाने का लक्ष्य- सैनी

Haryana:  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के स्वयं कर राजस्व को 2030 तक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद यानी GSDP के 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम सैनी ने कहा कि कर राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य करों की दरें बढ़ाकर नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाकर हासिल किया जाएगा। कर नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के साथ कर के दायरे को व्यापक किया जाएगा और तकनीक का अधिक इस्तेमाल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण कर राजस्व व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 2026-27 वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में हरियाणा का SGST संग्रह 24,600 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,174 करोड़ रुपये था। अगस्त महीने में भी पिछले वर्ष अगस्त की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सीएम ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम 2026, पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 और ऑटोमेशन सिस्टम जैसे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गन्नौर की अंतरराष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मार्केट, गुरुग्राम का AI और GCC हब, पानीपत-करनाल-सोनीपत कॉरिडोर, IIT खरखौदा तथा हिसार का एविएशन एवं निर्माण क्लस्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का दायरा बढ़ाने में महत्वपूर्ण हैं।

सैनी ने कहा कि राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आबकारी एवं कराधान, राजस्व, परिवहन, बिजली और शहरी स्थानीय निकाय विभागों को तालमेल के साथ काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम और प्रक्रियाएं ठीक और सख्त होनी चाहिए। कर्ताधर्ताओं को ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। ज्यादा राजस्व से स्कूल, अस्पताल, पानी, सड़क, परिवहन और पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निवेशकों का हरियाणा पर भरोसा बढ़ा है। विकसित हरियाणा के संकल्प के आधार पर आज का राष्ट्रीय सम्मेलन एक मील का पत्थर है।

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