BJP: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता गौरव भाटिया ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विपक्ष पर देश में अराजकता का माहौल बनाने और विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र और संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौरव भाटिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि केवल संविधान की लाल किताब हाथ में लेकर चलने से उसकी समझ साबित नहीं होती। संविधान के वास्तविक प्रावधानों और उसकी मूल भावना को समझना भी जरूरी है। भाटिया के मुताबिक, संविधान का सम्मान केवल प्रतीकात्मक रूप से नहीं, बल्कि उसके सिद्धांतों और व्यवस्थाओं का पालन करके किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने के बजाय देश में भ्रम और अराजकता फैलाना है।
बीजेपी की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का संकल्प जनता की सेवा करना, नागरिकों को संविधान प्रदत्त अधिकार दिलाना और देश के संसाधनों का उपयोग जनहित में सुनिश्चित करना है। गौरव भाटिया ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से गलत सूचनाओं और भ्रामक दावों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिशों का जवाब देना सरकार और बीजेपी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की मूल भावना को बनाए रखने के लिए इस तरह का अभियान जरूरी है।
बीजेपी नेता ने विपक्षी नेताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करने की शपथ लेने वाले नेता ही अब उसकी मूल भावना के खिलाफ काम कर रहे हैं। भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गलत संदेश दे रहा है।
इस दौरान उन्होंने झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा होने संबंधी बयान की भी आलोचना की। भाटिया ने कहा कि देश में अशांति फैलने और हालात बिगड़ने जैसी बातें करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को भारत की विकास यात्रा और देश में बनी स्थिरता रास नहीं आ रही है। भाटिया ने राहुल गांधी से जुड़े उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि उनके रोकने की वजह से युवा सड़कों पर नहीं उतरे, अन्यथा देश में आग लग सकती थी।
राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस की चुनौती पर भी गौरव भाटिया ने कटाक्ष किया। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना किंडरगार्टन के छात्र से करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को पीएचडी प्रोफेसर बताया। भाटिया ने कहा कि एक शुरुआती कक्षा के विद्यार्थी का किसी पीएचडी प्रोफेसर को बहस की चुनौती देना हास्यास्पद लगता है।