Tungnath: शीतकाल के लिए बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट, 1.97 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Tungnath: हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को धार्मिक परंपराओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी बनने के लिए 563 श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए मक्कूमठ रवाना हो गई।

कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की तुंगनाथ धाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया। पूरे यात्रा सीजन में देश और विदेश से पहुंचे करीब 1 लाख 97 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाते हुए उत्सव डोली को भावपूर्ण विदाई दी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होकर 8 नवंबर को उनके शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ पहुंचेगी। इसके बाद शीतकाल के दौरान श्रद्धालु मक्कूमठ में ही भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पाएंगे।

इस साल यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिला। तीर्थयात्रियों की अच्छी आमद ने क्षेत्र के व्यापारियों, होटल संचालकों और तीर्थाटन से जुड़े अन्य कारोबारियों में उत्साह बनाए रखा। अब शीतकाल के दौरान मक्कूमठ में बाबा तुंगनाथ की पूजा-अर्चना की परंपरा जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *