Ankita Bhandari: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना की, उन्होंने आरोप लगाया कि सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति नहीं किए जाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि न्याय की लड़ाई को न तो दबाया जा सकता है और न ही रोका जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ तब तक खड़ी रहेगी, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, “सुबह के 4 बजे थे। जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका अपराध क्या था? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे। उनके कंधे झुके हुए थे, कोई हंगामा नहीं था और वे सिर्फ यह मांग कर रहे थे कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “कल प्रियंका और मैं इन माता-पिता से मिले थे। जांच के नतीजे आने से पहले ही नियुक्ति जल्दबाजी में कर दी गई और सवाल पूछने वाले माता-पिता को आधी रात के बाद उठा लिया गया। यही इस सरकार की पहचान है—पीड़ितों की आवाज दबाना और सवाल पूछने वालों को हटा देना।” राहुल गांधी ने कहा कि न्याय की लड़ाई न दबेगी और न रुकेगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक उनका साथ देती रहेगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर साधा निशाना-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “मोदी सरकार की कायरता और असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा” बताया। एक्स पर पोस्ट करते हुए खड़गे ने कहा कि जहां न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया जा रहा है, वहीं बीजेपी के एक ‘वीआईपी’ को राज्यपाल का पद देकर पुरस्कृत किया जा रहा है।
उन्होंने लिखा, “मोदी सरकार की कायरता और असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा! अंकिता भंडारी के माता-पिता, जो न्याय की गुहार लगा रहे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जाता है, जबकि बीजेपी के एक ‘वीआईपी’ को राज्यपाल का पद देकर पुरस्कृत किया जाता है। सत्ता में बैठे लोगों का यह दमन सरकार की ताकत का नहीं, बल्कि सवालों से भागने की कोशिश का सबूत है।” खड़गे ने अपनी बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ इस तरह के व्यवहार को बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे माता-पिता-
इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में अंकिता के माता-पिता को तिलक मार्ग थाने से रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारी अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने अंकिता के लिए न्याय की मांग करने वालों और दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया।
शोकाकुल परिवार ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। परिवार ने कथित संबंधों का हवाला देते हुए केंद्रीय जांच पूरी होने तक उनकी संवैधानिक पद पर नियुक्ति रोकने की मांग की।
2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या-
अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी। उनका शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर उनका परिवार लगातार आवाज उठा रहा है।