West Bengal: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में बक्सा बाघ अभयारण्य में एक बाघिन को छोड़ा, इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों में बक्सा बाघ अभयारण्य में तीन और बाघ छोड़े जाएंगे।
बक्सा अभयारण्य में बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए इस बाघिन को बिहार के वाल्मीकि बाघ अभयारण्य से लाया गया था। सूचना के अनुसार अभयारण्य में कोई बाघ नहीं है लेकिन कैमरा फुटेज में एक बाघ देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाघ संभवत: भूटान या असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान से भटककर इस इलाके में आ गया होगा।
अधिकारी ने वाल्मीकि बाघ अभयारण्य से बक्सा तक बाघिन को आसानी से लाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की वन्यजीवों को बचाने में कोई दिलचस्पी नहीं थी और वे सिर्फ केंद्र से विवाद करना चाहते थे। अधिकारियों ने बताया कि बाघिन को स्थानांतरित करना वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक के लिए तैयार पांच वर्षीय परियोजना का हिस्सा है।
‘बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने और उन्हें अनुकूल वातावरण में छोड़ने’ की इस परियोजना में न केवल अभयारण्य में बाघ लाना बल्कि उनके शिकार के लिए उपलब्ध जानवरों की संख्या बढ़ाना, उपयुक्त आवास विकसित करना, वन्यजीव गलियारों को मजबूत करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना भी शामिल है।