हीरा कार्यालय में इन हीरों की जांच और मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार होने वाली नीलामी में इनकी कीमत तय होगी। नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी और अन्य निर्धारित शुल्क काटने के बाद शेष रकम संबंधित हीरा धारक को दी जाएगी।
पन्ना देश में हीरों के लिए प्रसिद्ध है और यहां लंबे समय से स्थानीय लोग पट्टे पर जमीन लेकर हीरे की तलाश करते रहे हैं। कई बार साधारण परिवारों को खुदाई के दौरान बेशकीमती हीरे मिल जाते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद बढ़ जाती है। हालांकि, बरामद चारों हीरों की वास्तविक कीमत उनके वजन, गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल दंपति इन हीरों की नीलामी का इंतजार कर रहा है।