Siliguri: हो सकता है कि आपके लिए कंबोडिया की यात्रा करना अभी मुमकिन न हो, लेकिन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा के दौरान एक खास पंडाल में आप इस देश की सबसे मशहूर जगहों में से एक का दीदार कर सकते हैं।
59वें साल दुर्गा पूजा उत्सव का आयोजन कर रहे जातीय तरुण संघ ने अपने पंडाल को कंबोडिया के मशहूर अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर बनाया है। अंकोरवाट एक यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है जो अपने विशाल मंदिर परिसर के लिए जानी जाती है।
लगभग 90 फीट ऊंचा और करीब 35 फीट चौड़ा यह ढांचा कंबोडिया की इस मशहूर जगह को सिलीगुड़ी की सड़कों पर ले आया है। इसका आकार तो प्रभावशाली है ही, साथ ही इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री का चुनाव भी खास है।
इस ढांचे में जूट की रस्सियां, बुनी हुई चटाइयां, पत्ते, बीज और अलग-अलग फलों के बाहरी छिलकों का इस्तेमाल किया गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल सामग्री पर आयोजकों के जोर को दर्शाता है।
आयोजकों को उम्मीद है कि उनके पंडाल में भारी भीड़ जुटेगी। ऐसे में उन्होंने भीड़ को संभालने और आने वालों के लिए सुरक्षित और सुचारू अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे, स्वयंसेवक और सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। इस साल दुर्गा पूजा का उत्सव 16 अक्टूबर से शुरू होगा।