Sikkim: सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग में जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार इस हादसे में अब तक 10 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो चुकी है, सभी शवों को पास के अस्पतालों में भेज दिया गया है। वहीं, सुरंग में फंसे अन्य मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर भीतर मीथेन गैस जमा हो गई थी। गैस निकालने की कोशिश के दौरान विस्फोट जैसी स्थिति बनने के बाद सुरंग के भीतर भूस्खलन हुआ, जिससे बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जबकि कई अंदर फंस गए। राहत एवं बचाव अभियान गैस रिसाव और ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें मौके पर तैनात है।
अधिकारियों के अनुसार, गैस का स्तर इतना अधिक है कि बचावकर्मी अभी तक उस स्थान तक नहीं पहुंच पाए हैं जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। प्रधानमंत्री मोदी ने सुरंग की स्थिति की जानकारी ली और चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और प्रभावित मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त की, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि बचाव अभियान और राहत कार्यों के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।