HEAR INDIA: भारत में सुनने की समस्या (Hearing Loss) एक बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली स्वास्थ्य चुनौती है। आंकड़ों के अनुसार, देश में लाखों लोग किसी न किसी स्तर की सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं, फिर भी सही समय पर जांच, इलाज और आधुनिक तकनीकों तक पहुँच की भारी कमी है। इस अंतर को मिटाने के उद्देश्य से ‘प्रायोरिटी हियरिंग’ (Priority Hearing) के फाउंडर डॉ. राज शर्मा और को-फाउंडर डॉ. मणी बंसल ने ‘HEAR INDIA – इंडियाज़ हियरिंग केयर एंड इनोवेशन समिट’ की शुरुआत की है।

इसे एक ऐसे सालाना राष्ट्रीय मंच के रूप में तैयार किया गया है, जो ऑडियोलॉजी, ईएनटी (ENT), हेल्थकेयर, रिसर्च, हियरिंग टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इस क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को एक साथ लाएगा।

भारत में स्थिति और इस पहल का मुख्य उद्देश्य
भारत में सुनने की कमी के प्रति जागरूकता का अभाव, शुरुआती जांच की कमी और आधुनिक हियरिंग-ऐड या उपचार का महंगा होना मुख्य चुनौतियाँ हैं। ‘HEAR INDIA’ का प्राथमिक उद्देश्य डॉक्टरों (Clinicians), रिसर्चर्स, हेल्थकेयर लीडर्स, टेक कंपनियों और युवाओं को एक मंच पर लाना है ताकि-
बचाव और शुरुआती पहचान (Prevention & Early Diagnosis): बच्चों और बड़ों में समय रहते सुनने की समस्या की पहचान की जा सके।
सुलभता और पुनर्वास (Accessibility & Rehabilitation): देश के हर हिस्से तक हियरिंग-केयर सुविधाओं और थैरेपी को सुलभ बनाया जा सके।
नई तकनीक (Emerging Technologies): किफायती और आधुनिक हियरिंग-केयर तकनीकों के विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

डॉ. राज शर्मा ने भारत की क्षमताओं पर विश्वास जताते हुए कहा, “भारत के पास बेहतरीन क्लिनिकल टैलेंट, तकनीक और इनोवेशन की क्षमता है। हम केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि भारत से पूरी दुनिया के लिए हियरिंग-केयर सॉल्यूशंस (सुनने से जुड़ी समस्याओं के इलाज व तकनीक) तैयार कर सकते हैं।”
वहीं डॉ. मणी बंसल ने मरीजों की देखभाल पर जोर देते हुए कहा, “तकनीक में कितनी भी प्रगति हो जाए, लेकिन बीमारी की समय पर पहचान, सही क्लिनिकल विशेषज्ञता और मरीजों की सहानुभूतिपूर्वक देखभाल ही हमेशा इलाज के केंद्र में रहनी चाहिए।” लोग (People), प्रैक्टिस (Practice), प्रगति (Progress) और संभावनाएं (Possibilities) के मूल सिद्धांतों पर आधारित ‘HEAR INDIA’ का लक्ष्य इसे केवल एक कॉन्फ्रेंस तक सीमित न रखकर बेहतर सुनने, बेहतर संवाद और बेहतर जीवन शैली के लिए पूरे देश में एक जन जागरूकता बनानी है।
