Diwali 2026: दिवाली पर घरों को रोशन करने वाले मिट्टी के दीये बनाने की परंपरा आज भी उत्तर प्रदेश के हरदोई में जारी है, यहां पर दीये बनाने वाले अपने पुराने हुनर को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं। मिट्टी के दीये बनाना आसान काम नहीं है। इसके लिए सबसे पहले मिट्टी जमा की जाती है फिर उसे सुखाया, कूटा और गूंथा जाता है। इसके बाद मिट्टी को चाक पर रखकर कुशल हाथों से दीयों का आकार दिया जाता है। इस तरह मेहनत और हुनर से तैयार ये दीये दिवाली पर घरों को रोशन करते हैं।
दीये बनाने वाले कारीगर राम मिलन ने बताया कि “ये मिट्टी तालाबों से लाते हैं और उसको फिर सुखाते हैं और सुखाने के बाद में इसको खूब मुगरी से या फिर रोड पर डालकर पीसते हैं मिट्टी को। पीसने के बाद में फिर इसको हम लोग खूब जैसे सीमेंट, मसाला बनाया जाता है उसी तरीके से इसको मिलाते हैं पानी में। मिलाकर उसके बाद में इसको लगाकर जब मिट्टी नॉर्मल हो जाती है। तो उसके बाद में हम लोग काम चालू करते हैं। इसमें एक-एक रोढ़ी भी बीनते हैं और रोढ़ी बीनने के बाद में इसको चाक पर लगाते हैं और हमारे बाबा से लेकर पिता जी और पिता से अब हम ये काम कर रहे हैं। इसकी डिमांड दीपावली में कुछ ज्यादा हो जाती है, उसे बनाते तो साल भर हैं हम लोग।”
“मिट्टी लाने में हमको बहुत बड़ी तकलीफ है कि मिट्टी तो अलाउड है। गवर्नमेंट ने पट्टा कुम्हारों के लिए कर दिया है, लेकिन इसके लिए पुलिस वाले जो हैं उसके डर में हम लोगों को ट्रॉली वाले कोई मिट्टी लाने को मंजूर नहीं है और तालाब भी पट्टा हो गए रास्ते में पकड़ लिए जाते हैं। तो हम लोग साइकिलों से ढूंढ-ढांढ के लाते हैं। एक बात बिक्री नहीं रही। दीपावली में थोड़ी बिक्री थी वो सब मोमबत्ती वगैरह, चीनी वगैरह सब आ ही गए हैं। तो बिक्री का लेकर अब रोजी-रोटी चलाना है। लड़का बच्चन लोग को पढ़ाए रहे हैं। जैसे तैसे अपना खर्चा पानी चला ही रहे हैं।”
हालांकि बदलते समय के साथ इनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कारीगरों का कहना है कि अब दीये बनाने के लिए मिट्टी जुटाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, दीयों को बेचने के लिए ग्राहक मिलना भी बड़ी चुनौती है क्योंकि मोमबत्तियों और सजावटी लाइटों ने पारंपरिक दीयों की मांग को कम कर दिया है। इन कारीगरों को उम्मीद है कि मिट्टी के दीयों की मांग फिर बढ़ेगी। उन्हें भरोसा है कि इस त्योहार पर ज्यादा लोग घरों को रोशन करने के लिए पारंपरिक मिट्टी के दीये खरीदेंगे।