Amit Shah: गृह मंत्री अमित शाह ने तुअर दाल खरीद पोर्टल किया लॉन्च

Amit Shah: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने तुअर दाल खरीद पोर्टल लॉन्च किया, जिसके माध्यम से किसान इस पर रजिस्ट्रेशन कराके अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य या बाजार मूल्य पर नेफेड और एनसीसीएफ को बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में उड़द और मसूर किसानों के साथ-साथ मक्का किसानों के लिए भी इसी तरह की सुविधा शुरू की जाएगी।

अमित शाह ने पोर्टल के माध्यम से तुअर की बिक्री के भुगतान के लिए 25 किसानों को डीबीटी के माध्यम से लगभग 68 लाख रुपये भी दिए। सहकारी राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ लिमिटेड (एनसीसीएफ ) बफर स्टॉक बनाए रखने क लिए सरकार की तरफ से दालों की खरीद करते हैं।

लॉन्च के बाद शाह ने कहा कि बुआई से पहले, तुअर किसान एमएसपी पर एनएएफईडी और एनसीसीएफ को अपनी उपज बेचने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रड तुअर किसानों के पास नेफेड/एनसीसीएफ या खुले बाजार में बेचने का विकल्प होगा और अगर तुअर दाल का खुले बाजार में मूल्य एमएसपी से ज्यादा रहता है, तो उस हालत में एक सूत्र के माध्यम से औसत दर निकाली जाएगी।

शाह ने कहा कि ज्यादा किसान दालों की खेती नहीं कर रहे हैं क्योंकि कीमतें तय नहीं हैं। पोर्टल के माध्यम से खरीद के साथ, ये पहल कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार लाएगी और दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि “तुअर की खरीद किसानों से की जाएगी और ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है।”

उन्होंने कहा कि “दिसंबर 2027 तक देश को दालों में आत्मनिर्भर हो जाना चाहिए। हम जनवरी 2028 से एक किलो दाल भी आयात नहीं करेंगे।” उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में दो गुना से ज्यादा की वृद्धि के कारण पिछले दस सालों में दालों का उत्पादन 2013-14 (जुलाई-जून) में 19.2 मिलियन टन से बढ़कर 2022-23 में 26.05 मिलियन टन हो गया है। हालांकि, दालों का घरेलू उत्पादन अभी भी खपत से कम है और आयात पर निर्भर है, इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, सहकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे भी मौजूद थे।

अमित शाह ने कहा कि “नेफेड और एनसीसी के माध्यम से कम से कम एसएसपी और ज्यादा जो बाजार मूल्य है उसके औसत पर आधारित किसानों का एडवांस में रजिस्ट्रेशन करके दूर दाल की खरीद और इसके डीबीटी के भुगतान की शुरुआत हमने की। देखने पर तो कुछ मीडिया के मित्र इसकी मीमांसा करेंगे, तो बहुत छोटा से कार्य करेंगे। परंतु मैं इस कार्यक्रम से आने वाले दिनों में किसानों की समृद्धि, दलहन के उत्पादान में देश की आत्मनिर्भरता, पोषण अभियान को मिलने वाली ताकत, क्रॉप पैटर्न चेजेंगी का आज जो हमारा अभियान है। उसका गति देना और इसके साथ-साथ भमिसुधार और जल संरक्षण इन सभी क्षेत्रों में जो बदलाव लाने वाली है, मैं कहने में कोई संकोच नहीं है कि आज की ये शुरुआत आने वाले दिनों में कृषि क्षेत्र में प्रचंड परिवर्तन लाने वाली शुरुआत है।”

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