Madhya Pradesh: ये लड्डू नहीं हैं और न ही खेलने के लिए गेंदें हैं, ये वो हैं जो हरियाली बिखेरेंगे और पेड़ बनेंगे। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के एक गांव की महिलाओं का एक समूह हरियाली वापस लाने के लिए सीड बॉल बना रहा है।
खेत की मिट्टी, चूल्हे से निकली राख और गोबर की खाद मिलाकर आटे की तरह गूथ लिया जाता है। फिर छोटे-छोटे लड्डू बनाकर उनके भीतर बीज भर दिए जाते हैं। कुछ देर सूखने के बाद ये सीड बॉल के रूप में तैयार हो जाते हैं।
इन्हें मानसून के दौरान बंजर और पहाड़ी इलाकों में फेंका जाएगा। इस उम्मीद के साथ कि बारिश आने पर बिना किसी खास देखभाल के इनमें से कई उग आएंगे और पेड़ बन जाएंगे। पांजरा गांव की महिलाएं आस-पास मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करके इस कोशिश को आगे बढ़ा रही हैं।
मानसून सीजन आने ही वाला है। ऐसे में हाल के हफ्तों में इस प्रयास ने रफ्तार पकड़ ली है। हजारों ‘सीड बॉल’ तैयार किए जा रहे हैं। छोटे पैमाने पर शुरू हुई इस पहल में अब पूरे गांव की महिलाएं बढ़-चढ़कर शामिल हो रही हैं। वे कमाई करने के साथ-साथ धरती पर हरियाली भी बिखेर रही हैं।