Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक समस्या अब समाधान बनने जा रही है, मवेशियों का गोबर अब ग्रामीण परिवारों के लिए साफ-सुथरे ईंधन का जरिया बनने जा रहा है। बजारनी पंचायत के नशला गांव में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत एक ‘गोबरधन यूनिट’ लगाई जा रही है। ये गोबर को बायोगैस में बदल सकती है।
ये प्रोजेक्ट पिछले सात-आठ महीने से चल रहा है और अब पूरा होने के कगार पर है। प्रोजेक्ट में थोड़ा-बहुत काम बाकी है, लेकिन प्रायोगिक तौर पर गैस उत्पादन शुरू हो चुका है।
ये यूनिट कचरा निपटान की पुरानी समस्या दूर करेगी। अभी तक मवेशियों का गोबर गांव और आस-पास के इलाकों में जमा हो जाता था। अब उसका इस्तेमाल ईंधन के उत्पादक के लिए होगा।
इस योजना के साथ लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है। गोवर्धन यूनिट गांव को साफ-सुथरा रखने में मदद करेगी और स्थानीय लोगों के लिए साफ ऊर्जा का मुफ्त स्रोत भी बनेगी।