USA: संयुक्त राष्ट्र ने क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध की निंदा की

USA:  संयुक्त राष्ट्र महासभा ने लगातार 34वें साल क्यूबा पर अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंध की निंदा करने संबंधी प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित किया। हालांकि, प्रस्ताव के परिणाम को प्रभावित करने के लिए वाशिंगटन के प्रयासों के बीच कई देशों ने पहली बार इसके खिलाफ मतदान किया या मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

प्रस्ताव के पक्ष में 130 देशों ने मतदान किया, जबकि 17 देशों ने इसके विरोध में वोट दिया, जबकि 25 देश मतदान से दूर रहे। पिछले साल इस प्रस्ताव के पक्ष में 165 और विरोध में सात देशों ने मतदान किया था, जबकि 12 देश मतदान से दूर रहे थे। जर्मनी, इटली और लातविया जैसे पश्चिमी देशों ने 34 सालों में पहली बार मतदान में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, ऐसे प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन वे विश्व जनमत को दर्शाते हैं।

ये मतदान ऐसे समय में हुआ है, जब क्यूबा गहराते वित्तीय संकट से जूझ रहा है और अमेरिका उस पर पहले से ही लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त कर रहा है। इसके अलावा, रिपब्लिकन पार्टी के नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते एक बार फिर क्यूबा में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंका जताई थी और कहा था कि ईरान युद्ध से लौटते समय अमेरिकी युद्धपोत क्यूबा में रुक सकते हैं।

वाशिंगटन और हवाना के बीच तनाव संयुक्त राष्ट्र में सार्वजनिक मंचों पर भी देखने को मिला है। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रतिबंधों से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज के बीच तीखी बहस हुई। समाजवादी सरकार की आलोचना करते हुए वॉल्ट्ज ने जैसे ही बोलना शुरू किया, रोड्रिगेज मंच की ओर बढ़े, जहां अमेरिकी राजदूत सभा को संबोधित कर रहे थे। रोड्रिगेज ने उन्हें झूठा कहा और सत्र की अध्यक्षता कर रहे अधिकारी से व्यवस्था का प्रश्न उठाने की कोशिश की।

वाल्ट्ज ने कहा, ‘‘इस व्यक्ति को इस मंच से पीछे हट जाना चाहिए। वो मुझे अमेरिका में डरा-धमका नहीं सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं? ये अमेरिका है। पीछे हटिए।’’ इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की।

रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में वॉल्ट्ज को याद दिलाया कि वो संयुक्त राष्ट्र में बोल रहे हैं, न कि व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित किसी बैठक में। उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भद्दे झूठ के जरिए अमेरिका सरकार ने क्यूबा के खिलाफ अपनी आर्थिक आक्रामकता और आपराधिक ऊर्जा नाकेबंदी को सही ठहराने की एक और हताश कोशिश की है।’’

इससे एक हफ्ते पहले भी वॉल्ट्ज और उनके क्यूबाई समकक्ष अर्नेस्टो सोबेरोन गुजमान के बीच इसी तरह की बहस हुई थी। क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध पहली बार 1960 में लगाए गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *