US Iran War: होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों के बावजूद ईरान के साथ युद्धविराम कायम- अमेरिका

US Iran War: अमेरिका के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अब भी लागू है। एक दिन पहले ही तेहरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य और संयुक्त अरब अमीरात पर नए हमलों का आरोप लगाया गया था। लगभग एक महीने पहले हुआ यह नाजुक युद्धविराम बरकरार दिख रहा है। हालांकि, अमेरिकी सेना वैश्विक ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से खोलने के प्रयासों में लगी हुई है।

अमेरिका ने बीते सोमवार को कहा कि उसने उन छह छोटी ईरानी नौकाओं को डुबो दिया, जिन्होंने वाणिज्यिक जहाजों को धमकी दी थी। अब तक, केवल दो व्यापारिक जहाजों के ही नए अमेरिकी-सुरक्षित मार्ग से गुजरने की जानकारी है, जबकि फारस की खाड़ी में सैकड़ों अन्य फंसे हुए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या निरंतर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से माल ढुलाई कंपनियों को आश्वस्त किया जा सकेगा या इससे 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमलों से शुरू हुआ संघर्ष फिर से भड़क सकता है।

संयुक्त अरब अमीरात, जो अमेरिका का एक प्रमुख सहयोगी है, ने कहा कि मंगलवार को लगातार दूसरे दिन उस पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। इससे एक दिन पहले हुए हमलों में कम से कम तीन लोग घायल हो गए थे और एक ड्रोन के कारण पूर्वी अमीरात फुजैराह में एक महत्वपूर्ण तेल संयंत्र में आग लग गई थी। ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है। विश्व के करीब 20 फीसदी तेल और प्राकृतिक गैस का कारोबार होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होता रहा है और यह मार्ग उर्वरक और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के कारोबार के लिए भी अहम है।

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के नये प्रयास युद्धविराम का उल्लंघन हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल डैन केन ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरान की नई आक्रामकता उस स्तर तक नहीं पहुंची है जिसे केन ने ‘प्रमुख युद्ध अभियान’ कहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को जलडमरूमध्य में ‘शांतिपूर्ण’ माहौल रहा। केन के आकलन की पुष्टि करते हुए हेगसेथ ने कहा, ‘‘नहीं, युद्धविराम समाप्त नहीं हुआ है।’’

ये दोनों बयान संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हालिया हमलों से पहले दिए गए थे। ईरान ने कहा है कि अमेरिका का यह नया प्रयास तीन सप्ताह से अधिक समय से कायम नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन है। ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलिबाफ ने अमेरिका पर क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि जलमार्ग को फिर से खोलने के अमेरिकी प्रयास पर ईरान ने अभी तक पूरी तरह से प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भली-भांति जानते हैं कि यथास्थिति का जारी रहना अमेरिका के लिए असहनीय है, जबकि हमने अभी तक बातचीत शुरू भी नहीं की है।’’

उनके बयान में अमेरिका के साथ चल रही उन वार्ताओं का कोई जिक्र नहीं था जो फिलहाल पाकिस्तान के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान के रूप में हो रही हैं। वाशिंगटन के छह नौकाओं को डुबोने के दावे का खंडन करते हुए एक ईरानी सैन्य कमांडर ने कहा कि सोमवार को दो छोटी नागरिक मालवाहक नौकाओं को निशाना बनाया गया, जिनमें पांच नागरिकों की मौत हो गई। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी ने दी। ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत शीर्ष अमेरिकी जनरल केन ने कहा कि 100 से अधिक अमेरिकी सैन्य विमान जलडमरूमध्य के आसपास आसमान में गश्त कर रहे हैं।

केन ने कहा, ‘‘युद्धविराम की घोषणा के बाद से ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर नौ बार गोलीबारी की है और दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया है। उन्होंने अमेरिकी सेना पर 10 से अधिक बार हमला किया है। लेकिन ये सभी घटनाएं इस समय बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान फिर से शुरू करने की सीमा से नीचे हैं।’’ अब तक केवल दो नागरिक जहाज, दोनों अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज, उस मार्ग के जरिये जलडमरूमध्य से गुजरे हैं जिसे अमेरिका ने बनाने का दावा किया है। जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित शिपिंग कंपनी हापाग-लॉयड एजी ने एक बयान में कहा, ‘‘इस समय हमारा जोखिम आकलन अपरिवर्तित है। हमारे जहाजों के लिए फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना संभव नहीं है।’’

जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि फारस की खाड़ी में लंगर डालने के बाद मंगलवार सुबह पनामा के ध्वज वाला एक तेल टैंकर जलडमरूमध्य के केंद्र की ओर बढ़ रहा था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि वह गुजरने की कोशिश करेगा या नहीं। समुद्री यातायात और जहाज की जानकारी देने वाली वेबसाइट के अनुसार, टैंकर का गंतव्य सिंगापुर था। अमेरिका द्वारा अनुमोदित ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का मार्ग दक्षिण में ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से होकर गुजरता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी कि जलडमरूमध्य से आवागमन रोकने के ईरानी प्रयासों से ‘दुर्भाग्यवश, सख्ती से निपटना होगा’। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का अमेरिकी प्रयास, जिसे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम दिया गया है, युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी में अटके सैकड़ों जहाजों पर फंसे नाविकों की सहायता के लिए है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने ईरान द्वारा दागी गई 15 मिसाइलों और चार ड्रोनों को नाकाम कर दिया।

पूर्वी अमीरात फुजैराह के अधिकारियों ने बताया कि एक ड्रोन हमले से एक महत्वपूर्ण तेल संयंत्र में आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। तेहरान ने हमलों की पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन मंगलवार सुबह ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात दोनों को ‘‘दलदल में फिर से घसीटे जाने से सावधान रहना चाहिए।’’

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और सऊदी अरब दोनों ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की। जलमार्ग के अवरुद्ध होने से फारस की खाड़ी के तेल और गैस पर निर्भर यूरोप और एशिया के देशों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे इस क्षेत्र से बाहर भी कीमतें बढ़ गई हैं। इस बीच, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। अमेरिका की सेंट्रल कमान के अनुसार, कम से कम 49 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है।

उसने जहाजरानी कंपनियों को चेतावनी भी दी है कि अगर वे जलडमरूमध्य से पारगमन के लिए ईरान को भुगतान करती हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इस नाकाबंदी ने तेहरान को तेल राजस्व से वंचित कर दिया है, जिसकी उसे अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आवश्यकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह नाकाबंदी ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम और अन्य लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बातचीत में रियायतें देने के लिए मजबूर करेगी।

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