Ukraine: यूक्रेन के युद्ध प्रभावित शहर ओलेशका में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए एक बड़ा मानवीय सहायता अभियान शुरू होने जा रहा है। यूक्रेन के एक अधिकारी के अनुसार, इस अभियान के लिए पड़ोसी शहर में 25 बसों, एंबुलेंस और अन्य वाहनों का काफिला तैयार किया गया है। यह काफिला शुक्रवार को राहत कार्य के लिए रवाना होगा।
यूक्रेन के लोकपाल और मुख्य वार्ताकार दिमित्रो लुबिनेट्स ने बताया कि अभियान का मकसद ओलेशका के जरूरतमंद नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राहत वितरण के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। लुबिनेट्स के मुताबिक, इस काफिले को आर्मीन्स्क शहर में तैयार किया गया है, जो रूस के कब्जे वाले दक्षिणी यूक्रेन में स्थित है और ओलेशका से करीब 85 किलोमीटर दूर है।
इस राहत अभियान और स्थानीय स्तर पर युद्धविराम कराने में अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उन्होंने यूक्रेन के वार्ताकार लुबिनेट्स और रूस की उनकी समकक्ष याना लंत्रतोवा के बीच बातचीत का नेतृत्व किया।
युद्ध और बारूदी सुरंगों के बीच फंसे हैं ओलेशका के निवासी
दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में रूसी नियंत्रण वाले इलाके में स्थित ओलेशका लंबे समय से संघर्ष की चपेट में है। शहर में भीषण लड़ाई और सड़कों पर बिछी बारूदी सुरंगों के कारण बड़ी संख्या में लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई परिवारों के पास भोजन और दवाइयों की आपूर्ति भी खत्म होने लगी है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार से रूस और यूक्रेन ने ओलेशका तथा आसपास के इलाकों में युद्धविराम का पालन किया है। इससे राहत अभियान के लिए रास्ता तैयार होने की उम्मीद है।
हालांकि, यह सीमित युद्धविराम दोनों देशों के बीच जारी व्यापक संघर्ष को रोकने का संकेत नहीं है। रूस के बड़े पैमाने पर हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध साढ़े चार साल से अधिक समय से जारी है। इससे पहले भी युद्धविराम के लिए कई बार बातचीत हुई, लेकिन कुछ प्रयास बेनतीजा रहे और जिन समझौतों पर सहमति बनी, वे ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सके।