Putin: क्रेमलिन की असली ताकत व्लादिमीर पुतिन, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और मजूबत

Putin:  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन का जन्म 1952 में लेनिनग्राद में हुआ। उन्होंने लेनिनग्राद स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन किया और बाद में इकोनॉमिक्स में Ph.D. की। पुतिन ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत सोवियत संघ की सरकारी सुरक्षा और खुफिया एजेंसी केजीबी के साथ की।

लेनिनग्राद लौटने से पहले उन्होंने 1980 के दशक के आखिर में पूर्वी जर्मनी में काम किया। लेनिनग्राद लौटने पर उन्होंने लेनिनग्राद स्टेट यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद वे स्थानीय सरकार में शामिल हुए और सेंट पीटर्सबर्ग के शहर प्रशासन से जुड़े, जहां उन्होंने इंटरनेशनल संबंधों और आर्थिक मामलों से जुड़े सीनियर पदों पर काम किया।

बाद में पुतिन फेडरल सरकार में चले गए और राष्ट्रपति प्रशासन और सुरक्षा तंत्र से जुड़कर तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने फेडरल सिक्योरिटी सर्विस के डायरेक्टर और बाद में देश की सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। पुतिन को 1999 में रूस का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उसी साल के आखिर में बोरिस येल्तसिन के इस्तीफे के बाद वे कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।

पुतिन 2000 में रूस के राष्ट्रपति चुने गए और लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने के बाद वे 2012 में फिर से राष्ट्रपति बने और बाद में 2018 और 2024 में फिर चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच लगातार उच्च-स्तरीय बातचीत होती रही है जो भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को दिखाती है।

उनकी चर्चा में राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग, रक्षा, व्यापार और निवेश, ऊर्जा, अंतरिक्ष जैसे विषय शामिल होते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2024 में 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस का दौरा किया जबकि राष्ट्रपति पुतिन ने दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के लिए भारत की यात्रा की।

दोनों नेता 31 अगस्त 2026 को किर्गिज गणराज्य के बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान फिर मिले। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, आवाजाही और लोगों के बीच आपसी संबंधों में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। कुल मिलाकर पुतिन रूस की घरेलू और विदेश नीति में अहम बिंदु बने हुए हैं और भारत के साथ उनका जुड़ाव, भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजूबत बना रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *