France: फ्रांस में हाई स्कूल के छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र खराब बुनियादी ढांचे में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा निवेश की मांग कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन सितंबर में पेरिस इलाके में शुरू हुए, जब एक हाई स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षक और छात्र एकजुट हुए। तब से यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूल बंद करवा रहे हैं और प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं।
लेकिन असल में वे किस बात का विरोध कर रहे हैं? छात्रों का कहना है कि फ्रांस की शिक्षा प्रणाली में गहरी असमानताएं हैं, खासकर पिछड़े इलाकों के स्कूलों और दूसरी जगहों के स्कूलों के बीच। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खचाखच भरी कक्षाओं, पढ़ाई की लंबी अवधि और इमारतों के खराब रखरखाव को लेकर भी शिकायत की है।
इन विरोध-प्रदर्शनों से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर भी दबाव बढ़ रहा है। तोड़-फोड़ और हिंसा की वजह से करीब 400 से 500 स्कूल प्रभावित हुए हैं। वहीं फ्रांस के गृह मंत्री का कहना है कि पुलिस ने पिछले हफ्ते 5,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्ता किया, जिनमें से 85 प्रतिशत नाबालिग थे।
यह आंदोलन और बढ़ सकता है, क्योंकि सीजीटी लेबर यूनियन ने मंगलवार को देशव्यापी प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए मजदूरों से अपील की है। अब मुख्य सवाल यह है कि क्या ये विरोध प्रदर्शन शिक्षा पर ही केंद्रित रहेंगे या सरकार के साथ व्यापक टकराव का रूप ले लेंगे।