America: पांच भारतीय-अमेरिकियों सहित 30 अमेरिकी सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर अपील की कि वे नेपाल में विनाशकारी अचानक आई बाढ़ से प्रभावित अपने देश के नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव संसाधन का इस्तेमाल करें।
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में कम से कम 75 अमेरिकी नागरिक लापता हैं; इस बाढ़ में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम, श्री थानेदार और प्रमिला जयपाल सहित इन सांसदों ने विदेश विभाग से अपील की कि वे लापता लोगों के परिवारों को रोजाना जानकारी दें और खोज अभियान में ऊंचे इलाकों में काम करने वाले संसाधनों और थर्मल/इन्फ्रारेड ड्रोन का इस्तेमाल करें।
नेपाल की बाढ़ में लापता अमेरिकी नागरिकों में कई भारतीय-अमेरिकी भी शामिल हैं। ये बाढ़ रासुवा इलाके में आई थी, जो कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए अहम ट्रांजिट पॉइंट है। सांसदों ने लिखा, “हम कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज़ के साथ अपने ग्लोबल अवॉर्ड के ज़रिए आपातकालीन आश्रय, राहत सामग्री और पानी, स्वच्छता और हाइजीन में मदद के लिए 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की सहायता की विभाग की घोषणा का समर्थन करते हैं। साथ ही, हम 29 अगस्त को घोषित 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता का भी समर्थन करते हैं।”
उन्होंने कहा, “इसके बावजूद जान-माल के अभूतपूर्व नुकसान और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने को देखते हुए हम विभाग से और भी बहुत कुछ करने की अपील करते हैं।” उन्होंने रुबियो से प्रभावित इलाकों में ‘डिज़ास्टर असिस्टेंस रिस्पॉन्स टीम’ (डीएआरटी) तैनात करने की भी अपील की।
सांसदों ने कहा, “ये खास टीमें अमेरिकी सरकार के आपदा राहत कार्यों का नेतृत्व कर सकती हैं, उभरती जरूरतों की पहचान कर सकती हैं और स्थानीय अधिकारियों व सहयोगी संगठनों के साथ तालमेल बिठा सकती हैं।” उन्होंने विदेश विभाग से यह भी आग्रह किया कि लापता अमेरिकी नागरिकों के परिवारों को जानकारी देने के लिए नेपाल, चीन और मदद देने वाले देशों के साथ राजनयिक बातचीत जारी रखी जाए।