I4C: व्हाट्सऐप और टेलीग्राम निवेश घोटालों से रहें सावधान, गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी , गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र I4C ने नागरिकों को व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ रहे ऑनलाइन निवेश घोटालों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। साइबर अपराधी इन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर लोगों को कम समय में अधिक और “गारंटीड” मुनाफे का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
I4C के अनुसार, ठग फर्जी निवेश समूह बनाकर खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ, निवेश सलाहकार या प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि के रूप में पेश करते हैं। वे लोगों को तथाकथित “VIP Stock Tips”, नकली सफलता की कहानियां और असामान्य रूप से अधिक रिटर्न का वादा करके अपने जाल में फंसाते हैं।
साइबर विशेषज्ञों ने बताया कि ठग अक्सर निवेशकों को आधिकारिक ऐप स्टोर की बजाय निजी लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डा उनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐसे ऐप्स न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं, बल्कि व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की चोरी का भी खतरा पैदा करते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- किसी भी अनजान व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में दी गई निवेश सलाह पर भरोसा न करें।
- किसी भी ट्रेडिंग ऐप को केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक स्रोतों से ही डाउनलोड करें।
- निवेश करने से पहले ब्रोकर, कंपनी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की पूरी जांच करें।
- “गारंटीड रिटर्न”, “VIP स्टॉक टिप्स” या “100% मुनाफा” जैसे दावों को खतरे की घंटी समझें।
- किसी भी अनचाहे संदेश, लिंक या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निवेश न करें।
ठग कैसे बनाते हैं शिकार?
साइबर अपराधी शुरुआत में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाते हैं, जिससे उनका भरोसा बढ़ता है। इसके बाद वे लगातार अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं। जब निवेशक अपने पैसे निकालने की कोशिश करता है, तो उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट वेरिफिकेशन शुल्क या अन्य बहाने बनाकर अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा जाता है।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वास्तविक स्टॉक ब्रोकर या वित्तीय संस्था ग्राहकों से उनके अपने पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त धन जमा करने की मांग नहीं करती।
मुंबई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक के साथ हुई ठगी
I4C ने एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक का मामला साझा करते हुए बताया कि उन्हें एक अज्ञात व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। वहां मौजूद ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर उन्हें भारी मुनाफे का लालच दिया। उन्हें एक निजी लिंक के माध्यम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और नकली मुनाफा दिखाकर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया और वे अपनी जमा राशि वापस नहीं ले सके।
साइबर ठगी का शिकार होने पर क्या करें?
यदि आपके साथ किसी प्रकार की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी होती है या आपको किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन: 1930
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in
I4C की महत्वपूर्ण सलाह
अनजान व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप की निवेश सलाह पर भरोसा न करें। निजी लिंक से ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें। “गारंटीड रिटर्न” और “VIP Stock Tips” जैसे दावों को तुरंत संदेह की नजर से देखें। याद रखें, असली ब्रोकर कभी भी आपके पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त रकम जमा करने को नहीं कहते। गृह मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, किसी भी निवेश अवसर की स्वतंत्र रूप से जांच-पड़ताल करें और इस जानकारी को अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन निवेश ठगी से सुरक्षित रह सकें।