Sanjay Dutt: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ में दिए अपने उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “भारत में अब मुझे वे शांति महसूस नहीं होती।” संजय दत्त ने कहा कि शो में उनकी टिप्पणी पहले से लिखी (स्क्रिप्टेड) बातचीत के संदर्भ में थी और उनका किसी को आहत या अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था।
दरअसल संजय दत्त (67) को शो में की गई उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। शेखर सुमन के इस कार्यक्रम के वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद ये मामला चर्चा में आया। शो में संजय दत्त ने कहा था, ‘‘शांति होनी चाहिए, लेकिन अब मुझे भारत में वह शांति महसूस नहीं होती।’’
संजय दत्त ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उनके शब्दों का उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना या अपमानित करना नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरा किसी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अपमान करने या अनादर करने का कभी कोई इरादा नहीं था। मेरी टिप्पणी एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में थी, जिसका उद्देश्य जीवंत और हास्यपूर्ण माहौल बनाना था।’’
अभिनेता ने कहा,‘‘ मेरी बातों का भाव ‘मुन्ना भाई’ जैसी फिल्मों में दिखने वाले हास्य और व्यंग्य से मिलता-जुलता था, खास तौर पर ‘गांधीगिरी’ की उस अवधारणा से जिसका उद्देश्य प्रेम, अपनापन, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। दुर्भाग्य से, मेरे शब्दों को उस संदर्भ से अलग समझा गया, जिसमें उन्हें कहा गया था।’’
शो में संजय दत्त ने अपने लोकप्रिय ‘मुन्नाभाई’ किरदार के अंदाज में बताया था कि अगर वह देश के प्रधानमंत्री बन जाएं तो देश में क्या-क्या बदलाव करना चाहेंगे। उन्होंने कहा था कि वह अपना ज्यादातर समय देश से बाहर नहीं बिताएंगे और भाईचारे को बढ़ावा देंगे, उन्होंने यह भी कहा था कि अपनी तस्वीरों के बजाय वह हर जगह महात्मा गांधी की तस्वीरें लगवाएंगे।