नहीं रहे ‘महाभारत’ के ‘भीम’ प्रवीण कुमार

बॉलीवुड से आज सुबह दुखद खबर सामने आई है। एक शानदार एक्टर और स्पोर्ट्स पर्सन आज हमारे बीच नहीं रहे हैं। ‘महाभारत’ में ‘भीम’ का किरदार निभाने वाले प्रवीण कुमार सोबती ने इस दुनिया को 74 साल की उम्र में अलविदा कह दिया है। वह लंबे समय से बीमार थे। प्रवीण कुमार सोबती का निधन दिल्ली में हुआ है। उनका अंतिम संस्कार आज पंजाबी बाग स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा। अपनी दमदार अदाकारी से लोगों के दिलों पर राज करने वाले प्रवीण कुमार सोबती के चले जाने से टीवी फिल्म जगत और उनके फैंस में शोक की लहर है।
पंजाब के प्रवीण कुमार सोबती ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया लेकिन बीआर चोपड़ा के फेमस सीरियल ‘महाभारत’ में भीम के किरदार में प्रवीण कुमार सोबती ने अपनी अदाकारी से फैंस का दिल जीत लिया था। अपने लंबी-चौड़ी कदकाठी के प्रवीण कुमार सोबती ने अपनी एक्टिंग से भीम के किरदार में जान फूंक दी थी। महाभारत के बाद प्रवीण कुमार काफी मशहुर हो गए।

खेलों में बढ़ाया भारत का मान
एक्टिंग में आने से पहले प्रवीण एक हैमर और डिस्कस थ्रो एथलीट थ। वह एशियाई खेलों में 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य जीत चुके थे। उन्होंने एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल हासिल करके देश का नाम रोशन किया था। उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। खेल की दुनिया में नाम कमाने के बाद उन्हें सीमा सुरक्षा बल की नौकरी भी मिली थी लेकिन कुछ साल बाद प्रवीण कुमार सोबती ने एक्टिंग करने का मन बनाया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।


पॉलिटिक्स में भी बनाया नाम
महाभारत को करने के बाद उन्होंने लगभग 50 फिल्में और टीवी शो किए। उनकी आखिरी फिल्म 2013 में आई थी, जिसका नाम बारबरिक था। हालांकि, बाद में उन्होंने एक्टिंग को अलविदा कह दिया और वजीरपुर में आम आदमी पार्टी को ज्वॉइन करके राजनीति में शामिल हो गए। बाद में प्रवीण कुमार आप छोड़कर भाजपा का हिस्सा बने।


आर्थिक तंगी में गुजरे आखरी दिन
महाभारत के भीम प्रवीण कुमार के अंतिम दिन मुश्किल में गुजरे। वे आखिरी दिनों में फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना कर रहे थे. जानकारी के मुताबकि, प्रवीण लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उन्होंने पं सरकार से मदद की गुहार भी लगाई थी। इतना ही नहीं पेंशन को लेकर प्रवीण कुमार ने पंजाब की सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब में जितनी भी सरकारें आईं, सभी से उनकी शिकायत है. जितने भी एशियन गेम्स या मेडल जीतने वाले प्लेयर थे, उन सभी को पेंशन दी गई, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं दिया गया। वह ऐसे अकेले एथलीट थे, जिन्होंने कॉमनवेल्थ को रिप्रेजेंट किया। फिर भी पेंशन के मामले में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया। अपनी इस शिकायत को लेकर प्रवीण कुमार सोबती काफी चर्चा में रहे थे।

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