Delhi HC: दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका से कहा है कि वे बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट हटा दें।
गौरव भाटिया के मानहानि के मुकदमे की सुनवाई करते हुए जस्टिस तुषार राव गेडेला ने गुरुवार को कहा कि हालांकि युवाओं को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन जो बात कही जाए वह सत्यापित होनी चाहिए और उसे इस तरह से कहा जाना चाहिए जो सही दिशा में हो।
दास और रांका के वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि जिन पोस्ट पर सवाल उठाए गए हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर हटा दिया जाएगा। खुद कोर्ट में पेश हुए भाटिया ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने के कोर्ट के सुझाव को ठुकरा दिया और कोर्ट से आग्रह किया कि वह प्रतिवादियों को भविष्य में इस मुद्दे पर कोई भी मानहानिपूर्ण सोशल मीडिया पोस्ट करने से रोके।
ये मामला सीजेपी और उसके नेताओं के कुछ एक्स पोस्ट से जुड़ा है, जिनमें कथित तौर पर एक ग्राफिक को बढ़ावा दिया गया था। इस ग्राफिक में एक कोट था जिसे गलत तरीके से गौरव भाटिया से जोड़ा गया था।
हालांकि सौरव दास ने बाद में अपना एक्स पोस्ट हटा दिया था (जो पांच सितंबर को किया गया था) क्योंकि वह “एआई-जनरेटेड” था, लेकिन भाटिया ने बिना शर्त माफी की मांग की।