Delhi EV Policy 2026: राजधानी में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने नई ईवी पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में आयोजित वार्ता में इसकी घोषणा की। पॉलिसी का मसौदा उपराज्यपाल के पास भेज दिया गया है और उनकी मंजूरी मिलने के बाद इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। यह नीति 31 अगस्त 2031 तक प्रभावी रहेगी।
15 हजार करोड़ रुपये के लाभ का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी से दिल्लीवासियों को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं। नई नीति के दायरे में दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, ट्रक और ग्रामीण परिवहन वाहन शामिल किए गए हैं।
LIVE: Press Conference at Delhi Secretariat https://t.co/dFjKWlCOTz
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 29, 2026
इलेक्ट्रिक तिपहिया और ट्रकों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
परिवहन विभाग की सचिव निहारिका ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद नीति का मसौदा उपराज्यपाल को भेज दिया गया है। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों पर 30 हजार से 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर 1 लाख रुपये और ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 20 हजार रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।
पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों पर लगेगी रोक
सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल आधारित वाहनों के पंजीकरण को सीमित करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 से नए तीनपहिया वाहनों और अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में किया जाएगा।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
नई ईवी पॉलिसी के तहत सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के सहयोग से घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग मीटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नीति के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन तीन साल तक दिल्ली के बाहर नहीं बेचे जा सकेंगे।
खरीद सब्सिडी और टैक्स में छूट
नई नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया, ऑटो और मालवाहक वाहनों के लिए चरणबद्ध खरीद सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन: पहले वर्ष अधिकतम 30,000 रुपये सब्सिडी ,इलेक्ट्रिक ऑटो: अधिकतम 50,000 रुपये सब्सिडी ,एन1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक: पहले वर्ष 1 लाख रुपये तक सब्सिडी हालांकि निजी इलेक्ट्रिक कारों पर खरीद सब्सिडी नहीं मिलेगी। लेकिन बीएस-4 या उससे पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में राहत
नई ईवी पॉलिसी के तहत सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहन और 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों को 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नई ईवी पॉलिसी राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से इस पहल को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे। नीति के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है।