Delhi: राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (NLMC) ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी HIL (India) की दिल्ली स्थित 5.119 एकड़ जमीन को बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संपत्ति की ई-नीलामी के लिए 829.69 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की अतिरिक्त और अनुपयोगी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल कर उनसे आर्थिक लाभ हासिल करना है।
पिछले दो महीनों के दौरान NLMC की ओर से घोषित की गई यह तीसरी ई-नीलामी है। इससे सरकारी कंपनियों की ऐसी संपत्तियों को बाजार में लाकर उनका मौद्रिक मूल्य प्राप्त करने की केंद्र सरकार की रणनीति का संकेत मिलता है। वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के अधीन काम करने वाले NLMC ने मंगलवार को नई दिल्ली में संभावित निवेशकों के लिए प्री-बिड मीटिंग आयोजित की। बैठक में इच्छुक बोलीदाताओं को जमीन की मौजूदा स्थिति, विकास की संभावनाओं, भूमि उपयोग से जुड़े नियमों, पात्रता मानकों और ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
नीलामी के लिए प्रस्तावित जमीन दिल्ली के नजफगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में रोहतक रोड, शिवाजी मार्ग पर स्थित है। संपत्ति के सामने लगभग 140 मीटर लंबा सड़क मार्ग है और इसकी दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन तक भी पहुंच है। NLMC के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की अतिरिक्त और कम उपयोग में आ रही जमीन के मौद्रीकरण को प्राथमिकता दी है। पिछले दो महीनों में तीसरी ई-नीलामी की घोषणा इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मकसद पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी व्यवस्था के माध्यम से सरकारी संपत्तियों का वास्तविक आर्थिक मूल्य हासिल करना और उनका उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करना है। ठाकुर के मुताबिक, रणनीतिक स्थान पर मौजूद HIL की यह जमीन भविष्य में विकास की अच्छी संभावनाएं रखती है। प्री-बिड बैठक से निवेशकों को पूरी जानकारी के साथ बोली लगाने में मदद मिलेगी।
वहीं, HIL (India) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कुलदीप सिंह ने कहा कि सीधे बिक्री के लिए रखी गई यह जमीन कंपनी की महत्वपूर्ण संपत्तियों में से एक है। उन्होंने बताया कि मौद्रीकरण के जरिए इसका अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के साथ संभावित डेवलपर्स और पात्र निवेशकों को इसके विकास में भागीदारी का अवसर दिया जा रहा है।
कुलदीप सिंह ने इच्छुक बोलीदाताओं से नीलामी से संबंधित दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील की। फिलहाल इस जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक गतिविधियों के लिए निर्धारित है। हालांकि, संबंधित नियमों और जरूरी सरकारी मंजूरियों के आधार पर इसके उपयोग में बदलाव की संभावना भी है। इस संपत्ति की बिक्री ऑनलाइन ई-नीलामी के माध्यम से की जाएगी। अंतिम बिक्री मूल्य सबसे ऊंची बोली के आधार पर तय होगा। बोली लगाने वाले एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ के गुणक में अपनी पेशकश कर सकेंगे। इसके अलावा, अधिकतम तीन सदस्य मिलकर एक समूह के रूप में भी बोली लगा सकते हैं।
नीलामी में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को अनुरोध प्रस्ताव (RFP) में निर्धारित नियमों के अनुसार बैंक गारंटी या NEFT/RTGS के माध्यम से बयाना राशि जमा करनी होगी। प्री-बिड बैठक में NLMC, HIL (India) और लेनदेन सलाहकार CBRE India के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने संभावित निवेशकों के संपत्ति, नीलामी की शर्तों, तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्तावों और पात्रता प्रक्रिया से संबंधित सवालों का जवाब दिया।