CM Yogi: राहुल फुस्स रॉकेट, अखिलेश हार के बहानेबाज- मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता पर तंज कसते हुए उन्होंने उन्हें ऐसा रॉकेट बताया, जिसका बारूद खत्म हो चुका है। वहीं, अखिलेश यादव के बदला लेने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में बदले की नहीं, बल्कि बदलाव की राजनीति होती है और इसका फैसला जनता करती है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विरोध करने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर विपक्ष को परेशानी क्यों हो रही है। साथ ही आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार मिल रही हार से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है।

योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला गोरखपुर दौरा है। लोकतंत्र को मजबूत करने और अराजकता के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने बाबा गोरक्षनाथ की पवित्र धरती को चुना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने से भी जुड़ा है।

अखिलेश यादव के बयान पर सीएम योगी का पलटवार

मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें सपा अध्यक्ष ने अगली पीढ़ी द्वारा हर लाठी और जख्म का बदला लेने की बात कही थी। योगी ने कहा कि सपा के बबुआ को समझना चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदला नहीं, बल्कि जनता बदलाव करती है।

उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार से सत्ता परिवर्तन करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 255 सीटें हासिल की थीं, जो सपा और कांग्रेस की संयुक्त सीटों से भी अधिक थीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का ही होता है।

राहुल गांधी पर रॉकेट वाली टिप्पणी से साधा निशाना

राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने दीपावली के रॉकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कुछ रॉकेट ऐसे होते हैं, जिन्हें जलाने के बाद लोग आसमान में उड़ान देखने का इंतजार करते हैं, लेकिन वे ऊपर जाने के बजाय वहीं धुआं छोड़कर बुझ जाते हैं। राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है।

सीएम योगी ने कांग्रेस में राहुल गांधी को अलग-अलग पदों पर प्रमोट किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में सांसद, 2007 में पार्टी महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बावजूद पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वर्ष 2019 में अमेठी से उनकी चुनावी हार का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा जैसे अभियानों के बाद भी कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति में खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने राहुल गांधी की उम्र और पार्टी में उनकी भूमिका पर भी तंज कसा।

SIR के विरोध पर कांग्रेस और विपक्ष से पूछे सवाल

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1952, 1962 और 2003 समेत कई मौकों पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा चुका है। पहले कांग्रेस भी इस प्रक्रिया का समर्थन करती रही है, लेकिन अब निर्वाचन आयोग द्वारा संदिग्ध विदेशी नागरिकों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की कार्रवाई पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मतदाता सूची में किसी विदेशी नागरिक का नाम शामिल होने से देश के वास्तविक नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। गरीब, दलित और वंचित वर्ग के लोगों के मताधिकार की सुरक्षा के लिए ऐसी गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

चुनावी हार के बाद EVM और चुनाव आयोग को ठहराते हैं जिम्मेदार

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति की तुलना ऐसे विद्यार्थियों से की, जो परीक्षा में असफल होने के बाद अपनी गलतियों के बजाय दूसरे कारणों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष अपनी सफलता का श्रेय खुद लेता है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने लगता है।

कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन के आंकड़े गिनाते हुए योगी ने बताया कि पार्टी को 2014 के लोकसभा चुनाव में 44, 2019 में 52 और 2024 में 99 सीटें मिली थीं। उनके मुताबिक, इन तीनों चुनावों में कांग्रेस को कुल मिलाकर 195 सीटें हासिल हुईं, जबकि भाजपा ने अकेले 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का भी उल्लेख किया और कहा कि लगातार हार के बावजूद कांग्रेस आत्ममंथन करने को तैयार नहीं है।

आपातकाल और 1984 की हिंसा को लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के लोकतंत्र संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए वर्ष 1975 के आपातकाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लागू किया था, उसे आज लोकतंत्र की बात करने से पहले उस दौर में प्रताड़ित हुए लोगों और जान गंवाने वालों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 1984 की सिख विरोधी हिंसा का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब देश पीड़ित परिवारों को याद कर रहा था, तब कांग्रेस दिल्ली में जश्न मना रही थी।

सपा शासन में 1500 से अधिक दंगों का दावा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसी परिस्थितियां पैदा करने की बात करती हैं, लेकिन नया भारत अराजकता को स्वीकार नहीं करेगा। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए योगी ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले समाजवादी पार्टी की चार सरकारों के कार्यकाल में 1,500 से अधिक दंगे हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय त्योहारों से पहले कर्फ्यू लगना आम बात थी और बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती थीं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश सुरक्षा, सुशासन और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने भाजपा की पदयात्रा को लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने वाला अभियान बताया। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने लोगों से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ का संकल्प दोहराने की अपील की।

विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों की आशंका को लेकर जनता को जागरूक करना इस पदयात्रा का उद्देश्य है। संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन सपा और कांग्रेस को प्रदेश में हो रहे बदलाव रास नहीं आ रहे हैं।

कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

इस पदयात्रा और जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, ए.के. शर्मा, दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह, विजय लक्ष्मी गौतम और दानिश आजाद अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप वर्मा और क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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