बिहार: 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को 3 जनवरी से लगेगा कोविड टीका, सीएम नीतीश आरंभ करेंगे अभियान

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पटना. कोरोना टीकाकरण का दायरा अब बढ़ चुका है और अब 15 से 18 वर्ष के किशोरों को शामिल किया गया है. इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार और प्रत्यय अमृत ने संयुक्त रूप से बुधवार को गाइड लाइन जारी किया था. इसी को लेकर गुरुवार को प्रत्यय अमृत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार में 97 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लग चुकी है और 87 प्रतिशत एलेजिबल लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है. 3 जनवरी से 15 से 18 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू होगा. इस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सीएम नीतीश कुमार करेंगे.

प्रत्यय अमृत ने बताया कि इस अभियान के तहत 83.46 लाख बच्चों को इस आयु वर्ग में वैक्सीन लगाया जाना है. बच्चों को को-वैक्सीन का टीका लगेगा. 10 जनवरी से उन लोगों को वैक्सीन लगेगा जिनका 9 महीना पूरा हो चुका है. इस श्रेणी में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगेगा. उन्होंने बताया कि 15 से 18 वर्ष के आयुवर्गों का 1 जनवरी से रजिस्ट्रेशन होगा.कोरोना टीकाकरण को लेकर रजिस्ट्रेशन कोविन एप पर ऑनलाइन शुरू होगा. 3 जनवरी से ऑन द स्पॉट भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. सभी मिडिल और हाई स्कूलों के अलावा बाकी सेशन साइट्स पर वैक्सीन की डोज दी जाएगी.

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वर्ष 2007 और उससे पहले की जिनकी जन्मतिथि है वो टीका ले सकेंगे.
3 जनवरी से प्रखंड से लेकर राज्य मुख्यालय तक टीकाकरण होगा. जनवरी के पहले सप्ताह से आईजीआईएमएस में जीनोम सिक्वेंसिंग होगी. अबतक दिल्ली के एनसीडीएस लैब में सैम्पल भेजे जा रहे हैं. फॉरेन रिटर्न लोगों में ज्यादातर डेल्टा और डेल्टा प्लस वायरस की पुष्टि हुई है. 60 वर्ष आयु वर्ग में डॉक्टर की सलाह पर टीका लगेगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि समूह में इकट्ठा न होवें और सामाजिक दूरी बनाकर रखें.

प्रत्यय अमृत ने बताया कि बिहार में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर ऑक्सीजन की कमी नहीं है.
पूरे राज्य में 125 पीएसए प्लांट में 120 क्रियाशील पीएसए प्लांट से 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है. मेडिकल कॉलेज में लगाये गए क्रायोजेनिक टैंक के माध्यम से 308 मेट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता हासिल कर ली गई है. ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर की संख्या इस बार 16 हजार 183 है जबकि पिछले वेव में 6183 संख्या थी. बी टाइप सिलेंडर की संख्या बढाकर 38 हजार की गई है.
सेकेंड वेव में 54 रिफिलिंग यूनिट थे जबकि इस बार 111 रिफिलिंग यूनिट तैयार किए गए हैं. इसके साथ ही ऑक्सीजन बेड्स की संख्या बढ़ी है. ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्टेट लेवल पर मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है. साथ ही ऑक्सीजन ट्रैकिंग सिस्टम भी तैयार है. इस बार फिर से ऑक्सीजन वॉर रूम बनाए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि गरुवार को पटना में 60 पॉज़िटिव केस आए हैं जबकि गया में 46 केस सामने आए. पूरे प्रदेश में अब कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 333 हो गई है. अपर सचिव ने बताया कि सभी जिलों में कोविड कंट्रोल रूम बना दिये गए हैं. मीडिया कर्मियों को भी फ्रंट लाइन की श्रेणी में शामिल किया गया है.
10 जनवरी से मीडियाकर्मी भी प्रिकॉशन डोज ले सकेंगे. राज्य में फरवरी से शुरू हुई टेली मेडिसिन सर्विस का भी फायदा मिल रहा है. अब तक देशभर में साढ़े 6 लाख से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल चुका है. टेलिमिडीसीन में बिहार 6ठे स्थान पर है.

आपके शहर से (पटना)

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