भाजपा के प्रदेश संगठन में प्रस्तावित फेरबदल को लेकर मंथन का दौर अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। शनिवार को प्रस्तावित बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अनुपस्थिति के कारण स्थगित कर दी गई। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ करीब दो घंटे तक संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि रविवार को होने वाली बैठक में नामों पर अंतिम सहमति बन सकती है और सूची सोमवार या मंगलवार तक सार्वजनिक की जा सकती है।
प्रदेश संगठन में महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी तथा युवा, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चा समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों को लेकर लखनऊ और दिल्ली में कई चरणों में विचार-विमर्श हो चुका है। अंतिम सूची को मंजूरी दिलाने के लिए प्रदेश नेतृत्व पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में सक्रिय है।
सूत्रों के अनुसार संगठन में लंबे समय से पद संभाल रहे कई नेताओं को बदलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कुछ पदाधिकारियों की कार्यशैली और छवि को लेकर सवाल उठने के बाद प्रदेश नेतृत्व नए चेहरों को मौका देने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। हालांकि कई वरिष्ठ नेता अपने करीबी लोगों को संगठन में बनाए रखने या उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दिलाने के लिए प्रयासरत हैं, जिससे सहमति बनने में देरी हो रही है।
बताया जा रहा है कि कुछ नेताओं ने अपने समर्थकों के पक्ष में गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तक सिफारिशें पहुंचाई हैं। दूसरी ओर प्रदेश नेतृत्व कुछ नामों पर सहमत नहीं दिख रहा, जिसके चलते अंतिम निर्णय अटका हुआ है। विशेष रूप से क्षेत्रीय अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों को लेकर चर्चा अभी जारी है।
जानकारी के मुताबिक संगठन के कई प्रमुख पदों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन कुछ नियुक्तियों पर मतभेद बरकरार हैं। क्षेत्रीय अध्यक्षों के बदलाव और उनके समायोजन को लेकर भी अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। इसके अलावा केंद्रीय नेतृत्व ने अनुषांगिक संगठनों के अध्यक्षों के नाम भी मांगे हैं, जहां दावेदारों की बड़ी संख्या के कारण प्रक्रिया और जटिल हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि रविवार या सोमवार तक सभी मोर्चों और संगठनात्मक पदों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।