Uttarakhand: उत्तराखंड में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने और जुआघर चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक में जुआ खेलने और खिलाने की गतिविधियों में संलिप्त दोषियों के लिए न्यूनतम तीन माह से लेकर अधिकतम पांच साल तक जेल और पांच हजार से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है, अब आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 को सदन पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम में संशोधन कर नेपाली अकादमी को शामिल किया गया।
वर्तमान में राज्य में केंद्र सरकार का वर्ष 1867 का गैंबलिंग एक्ट लागू है। इस एक्ट में सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने और जुआ घर चलाने पर मामूली जुर्माने का प्रावधान है। वहीं सार्वजनिक द्यूत रोकथाम कानून लागू होने के बाद राज्य में जुआ खेलने और सट्टेबाजी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार, सड़क और गली में सार्वजनिक रूप से जुआ खेलने पर तीन माह का साधारण कारावास या पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा हो सकती है।
घर में बैठाकर जुआ खिलाने पर दो साल की जेल या दस हजार रुपये जुर्माना, जुआघर चलाने पर पांच साल की जेल या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा एक साथ लागू होगी। सिंडीकेट की तरह सट्टेबाजी आदि जुए की गतिविधि चलाने पर न्यूनतम तीन से पांच साल तक जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।