T20 WC: टी20 क्रिकेट विश्व कप में तस्वीर बदली-बदली दिख रही है, एक तरफ न्यूजीलैंड की टीम है जो सुपर ऐट में अपने दमदार अंदाज के दम पर सेमीफाइनल की तरफ कदम बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ मेजबान भारतीय टीम है जिसका आखिरी चार में पहुंचने का सफर दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली शिकस्त के बाद जीत और हार के समीकरणों में उलझ कर रह गया है। टीम पर भारी दबाव दिख रहा है।
टी20 विश्व कप का सह मेजबान श्रीलंका न्यूजीलैंड से हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, वहीं इंग्लैंड से हार और खराब नेट रन रेट की वजह से पाकिस्तान का भी सेमीफाइनल का सफर काफी मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में नॉकआउट मुकाबले भारतीय जमीन पर ही होने की संभावना बढ़ गई है।
टी20 विश्व कप का सुपर ऐट चरण अब खत्म होने वाला है। ऐसे में भारत में तय नॉकआउट स्थलों में बदलाव की गुंजाइश नहीं दिखती।
न्यूजीलैंड का दबदबा
श्रीलंका पर मिली दमदार जीत ने न्यूजीलैंड को ग्रुप 2 में दूसरे नंबर पर पहुंचा दिया है। उसके खाते में दो मैचों से तीन अंक है। पाकिस्तान के साथ उसका पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। अब जबकि लगातार दो जीत के साथ इंग्लैंड़ सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है, तो न्यूजीलैंड को आखिरी चार में अपनी जगह बनाने के लिए जीत के रथ पर सवार रहना होगा।
ब्लैक कैप्स के नाम से जानी जाने वाली न्यूजीलैंड की टीम नेट रन रेट के मामले में भी बेहतर है। यही वजह है कि उसने पाकिस्तान और श्रीलंका के लिए सेमीफाइनल को नामुमकिन जैसा बना दिया।
इंग्लैंड सेमीफाइनल में बाकी तीन टीमों का इंतजार कर रही है। वहीं न्यूजीलैंड सेमीफाइनल की दहलीज पर खड़ा दिख रहा है।
वहीं पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अब इस बात पर टिकी हैं कि इंग्लैंड के हाथों न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हार मिले और उसका नेट रन रेट लुढ़ककर नीचे आ जाए। हालांकि पाकिस्तान को भी दिख रहे बड़े फासले को भरने के लिए असाधारण जीत की दरकार है।
हालांकि न्यूजीलैंड को अगर इंग्लैंड से साधारण हार भी मिलती है तो भी उसका नेट रन रेट उसे सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखेगा। सुपर 8 चरण में बिना किसी जीत के श्रीलंका पहले ही नॉकआउट मुकाबलों के दौर से बाहर हो चुका है।
न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल की ओर कदम बढ़ाने ने सेमीफाइनल मैचों की जगह को लेकर बरकरार अनिश्चितता को भी लगभग खत्म कर दिया है। अगर पाकिस्तान की टीम आखिरी चार में पहुंचती तो टूर्नामेंट की व्यवस्था के तहत वो कोलंबो में ही अपना मुकाबला खेलती। हालांकि अब ये अनिश्चितता लगभग दूर होती दिख रही है। ऐसे में दोनों सेमीफाइनल मुकाबले पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक भारतीय जमीन पर ही खेले जाएंगे।
भारत में सेमीफाइनल मुकाबले कोलकाता के ईडेन गार्डन्स और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर खेले जाने हैं। वहीं फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर
होगा।
भारत की सेमीफाइनल की राह- नेट रन रेट का जाल
भारतीय टीम के सेमीफाइनल तक पहुंचने का रास्ता एकदम सीधा है, लेकिन ये सफर तय करना आसान नहीं दिख रहा।
समीकरण 1: भारत दोनों मैच जीते, दक्षिण अफ्रीका को वेस्टइंडीज से जीत मिले
अगर भारत सुपर ऐट में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हरा देता है तो उसके खाते में चार अंक होंगे। लेकिन ये काफी नहीं है। ऐसे में ये जरूरी है कि दक्षिण अफ्रीका की टीम वेस्टइंडीज को हराए। इससे कैरिबियाई टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगी।
उस स्थिति में, भारत सिर्फ अंक के आधार पर सेमीफाइनल में सीधे क्वालिफाई कर लेगा। तब नेट रन रेट के कोई मायने नहीं रहेंगे और बिना किसी और हिसाब-किताब के सेमी-फाइनल में भारतीय टीम की जगह पक्की हो जाएगी।
समीकरण 2: भारत दोनों मैच जीते, वेस्टइंडीज की टीम दक्षिण अफ्रीका को हरा दे, ऐसी स्थिति में समीकरण काफी उलझ जाएगा।
अगर वेस्टइंडीज की टीम दक्षिण अफ्रीका को हराती है और भारत अपने दोनों मैच जीतता है, तो दोनों टीमें चार-चार अंक पर बराबर हो सकती हैं। वेस्टइंडीज के पास वर्तमान में काफी बड़ा नेट रन रेट (NRR) का फायदा (+5.350) है, जिसका मतलब है कि भारत को इस अंतर को पाटने के लिए जबरदस्त जीत की जरूरत होगी।
कम अंतर से मिली जीत भारत के लिए काफी नहीं होगी। हर अतिरिक्त रन और हर शुरुआती विकेट सीधे तौर पर भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदों पर असर डालेगा।
तय हो रही है आखिरी हफ्ते की तस्वीर
न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल में पहुंचना अब सिर्फ महज औपचारिकता भर दिखता है। हालांकि आखिरी चार में भारत के पहुंचने का अभियान अब भी मैच के नतीजों के साथ-साथ जीत और हार के अंतर भी काफी हद तक निर्भर रहेगा।