Gujarat: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए गुजरात के भुज में एक धर्मार्थ ट्रस्ट ने सीमा पार से हो रही गोलाबारी का शिकार बने लोगों और सैनिकों की मदद के लिए खास कदम उठाया है। ट्रस्ट ने अपने दो अस्पतालों में 50 मरीजों के इलाज की क्षमता वाला एक आपातकालीन वार्ड बनाया है।
अस्पताल से जुड़े लोगों के मुताबिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर खास इलाज की व्यवस्था की जाएगी। गुजरात का भुज पाकिस्तान की सीमा के करीब स्थित इलाका है। इसी वजह से इसे काफी संवेदनशील माना जाता है। भुज के लोग धर्माथ ट्रस्ट की तरफ से उठाए गए कदम की तारीफ कर रहे हैं।
डॉ. मेहुल कलावाडिया ने कहा, “हमारी ये ट्रस्ट संचालित दो हॉस्पिटल हैं। जिसमें एमएमपीजे हॉस्पिटल, जो 200 बेड का है, एंड दूसरा हॉस्पिटल जो की पटेल हॉस्पिटल है, 205 बेड का है। सो ओवर ऑल हमारे बेड कैपेसिटी 400 बेड की है। उसमें हमने 50 बेड घायल सैनिकों और आम जनता के लिए कंसीडरिंग ये वॉर की जो सिचुएशन हैं, ध्यान में रखते हुए हमने रेडी रखे हैं और उसमें हम निःशुल्क सारवर करेंगे।”
“हमारे पास ऑल इमरजेंसी और जो भी बॉम्ब थ्रेट और कोई भी बॉम्ब ब्लास्ट के लिए, कोई भी इंजरीज होती हैं। तो उसमें एक सिचुएशन इमरजेंसी की प्रोड्यूज होती है, तो हमारी व्यवस्था ऐसी है कि पहले हम हमारा एमएमपीजे हॉस्पिटल जो है वहीं पर हम प्राथमिक सारवर देंगे और उसके बाद अगर सुपरस्पेशलिटी और कोई कॉम्प्लेक्स मेजर सर्जरी की जरूरत है, तो हम यहां अपने केके पटेल जो हॉस्पिटल है उसमें हम उसकी सारवर करेंगे।”