Union Budget: आगरा के पेठा व्यापारियों को अगले महीने पेश होने वाले केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं, पेठा एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है जो सफेद कद्दू से बनाई जाती है, देश के कई हिस्सों में पेठा काफी मशहूर है।
माना जाता है कि अकेले आगरा में 50 हजार से ज्यादा लोग आजीविका के लिए पेठा उद्योग पर निर्भर हैं, पेठा व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे वक्त से पूरी नहीं हुई हैं, इनमें फूड प्रोसेसिंग यूनिट में सब्सिडी वाली गैस और आर्थिक सहायता की मांग शामिल है।
कुछ व्यापारियों का कहना है कि सब्सिडी वाली गैस के अलावा पेठा उद्योग को टैक्स फ्री भी कर देना चाहिए, आगरा जिले की अर्थव्यवस्था में पेठा उद्योग का अहम योगदान है। आगामी केंद्रीय बजट से पेठा कारोबारियों को बहुत उम्मीदें हैं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी।
पेठा कारोबारी राजेश अग्रवाल ने कहा कि “हर बार हमारी एक ही मांग रहती है, 2025 में यही मांग है।कि हमने आगरे के पेठे को विश्व विख्यात तो बना दिया हो मगर किसी भी सरकार ने हमारा सहयोग नहीं किया। पेठा उद्योग को सब्सिडी वाली गैस की आवश्यकता होती है और पेठे को कर मुक्त (टैक्स फ्री) करने की मांग बहुत पुराने वक्त से चली आ रही है। पेठा गरीबों की मिठाई है, सस्ती मिठाई है, आयुर्वेदिक मिठाई है। यह सस्ता आहार है गरीबों के लिए। हमने कहा है कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट होनी चाहिए, आज तक हमारी किसी भी मांग को नहीं माना गया है।”
“2025 के बजट से हमें उम्मीद है कि पेठा उद्योग को सब्सिडी वाली गैस मिलनी चाहिए। दूसरी चीज सारा काम किसानों से जुड़ा है। पेठा फल का 99 फीसदी उपयोग पेठा बनाने में ही होता है। इसलिए इसे कर मुक्त कर देना चाहिए जिससे किसानों, उपभोक्ताओं और मजदूरों को भी फायदा होगा। हम चाहते हैं कि 2025 के बजट में हमें कुछ सुविधाएं मिल जाएं। जैसे हमारे पेठे पर से टैक्स खत्म हो जाए और दूसरा हमें सब्सिडी वाली गैस मिलने लग जाए। हम अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। 2025 में हमें बहुत उम्मीदें हैं। थोड़ा सा हमारा काम चल जाएगा तो अच्छी बात है हमारा व्यापार चलने लगेगा।