Lucknow: योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचान दिलाने के लिए लगातार नई पहल कर रही है, इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 5 और 6 नवंबर को लखनऊ में ‘दिव्य दीपावली मेला-2026’ आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय इस आयोजन का मकसद दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
हस्तनिर्मित उत्पादों की होगी प्रदर्शनी
मेले में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, सजावटी सामान, दीपावली से जुड़े उत्पाद और घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा कई तरह के हस्तनिर्मित उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इस आयोजन से कारीगरों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने और अपने काम को नई पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।
लखनऊ के जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में आयोजित होने वाला यह मेला दोनों दिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
दिव्यांग उद्यमियों के उत्पाद खरीदने की अपील
सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ देने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें अपने कौशल और मेहनत के दम पर रोजगार और कारोबार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसी दिशा में उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विभाग ने आम नागरिकों के साथ सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों से मेले में पहुंचने और दिव्यांग कारीगरों के उत्पाद खरीदने की अपील की है। इससे उन्हें आर्थिक सहयोग मिलने के साथ अपने काम को आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन भी मिलेगा।
आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को बढ़ावा देने की पहल
‘दिव्य दीपावली मेला-2026’ महज खरीदारी और उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को सम्मान देने का प्रयास भी है। दिवाली के मौके पर उनके हाथों से बने उत्पादों की खरीदारी करके लोग भी उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं।